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आज खत्म हो रहा युद्धविराम, ईरान ने साफ कहा- ‘नहीं बात करेंगे’, ट्रंप ने भी दे दिया जंग शुरू करने का संकेत

ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम का आज आखिरी दिन है, जबकि तनाव चरम पर है। इस्लामाबाद में हो रही बातचीत पर दुनिया की नजर है।
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भारत

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Mukul Kumar

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Updated: 21 Apr 2026, 10:24 AM IST

Strait of Hormuz tension, Iran navy firing on Indian ships, IRGC attack on oil tankers,

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo-IANS)

आज ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम का आखिरी दिन है। इस बीच, दुनिया की निगाहें इन दिनों पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पर टिकी हुई हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है और बातचीत की यह आखिरी कोशिश नाकाम रही तो हालात कहीं ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं।

उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कह दिया है कि ईरान के पास एक ही रास्ता है, अपने परमाणु हथियारों का पूरी तरह सफाया करे।

उन्होंने न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत में कहा- परमाणु हथियारों से पीछा छुड़ाओ। बस इतना काफी है। कोई परमाणु हथियार नहीं होगा।

जब ट्रंप से पूछा गया कि अगर बातचीत टूट गई तो क्या होगा, तो उनका जवाब था- मैं आपको यह नहीं बताना चाहता। लेकिन आप खुद समझ सकते हैं। हालात अच्छे नहीं होंगे।

इस्लामाबाद में जमावड़ा

ट्रंप ने पुष्टि की है कि अमेरिका की एक बड़ी टीम पाकिस्तान रवाना हो चुकी है। इस दल में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, राष्ट्रपति के दामाद जेरेड कुशनर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ शामिल हैं। यह टीम ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत करेगी।

ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर बात बनती दिखे तो वे खुद ईरानी नेतृत्व से मिलने को तैयार हैं। उन्होंने कहा- अगर वे मिलना चाहते हैं, तो मुझे कोई दिक्कत नहीं।

वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेनाध्यक्ष असीम मुनीर इस बैठक की मेजबानी कर रहे हैं। इस्लामाबाद में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।

ईरान की आनाकानी

दूसरी तरफ ईरान का रवैया बातचीत को लेकर ठंडा है। तेहरान ने कहा है कि उसकी फिलहाल दूसरे दौर की वार्ता की कोई योजना नहीं है।

ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर 'बुरी नीयत' का आरोप लगाया है और हॉर्मुज जलसंधि पर जारी समुद्री नाकेबंदी को भी बाधा बताया है। लेकिन ट्रंप ने ईरान के इस रुख को महज दिखावटी बात बताया। उन्होंने कहा- कोई खेल नहीं खेल रहा। बातचीत होनी है और होगी।

अब तक क्या हुआ?

11 और 12 अप्रैल को 21 घंटे तक चली बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हुई थी। दोनों पक्षों के बीच गतिरोध जस का तस बना रहा। अब जो सीजफायर लागू है वह बुधवार को समाप्त हो रहा है।

अगर इस्लामाबाद की बैठक भी बेनतीजा रही तो सीधे बुनियादी ढांचे पर हमलों वाला संघर्ष शुरू हो सकता है। अमेरिका कहता है कि उसने एक उचित और संतुलित प्रस्ताव दिया है। लेकिन ईरान नाकेबंदी के साये में बातचीत करने से इनकार कर रहा है।