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Iran-US War: होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका के हमले से 5 ईरान के लोगों की हुई मौत, ईरानी मीडिया का दावा

होर्मुज स्ट्रेट में माल और यात्रियों को ले जा रही नागरिक नौकाओं पर अमेरिका ने हमला किया है। जिसमें पांच लोग मारे गए है।

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भारत

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Anurag Animesh

May 05, 2026

Iran-US War

Iran-US War(AI Image-ChatGpt)

Strait of Hormuz: मिडिल ईस्ट में तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब फिर से स्ट्रेट ऑफ होरमुज से बड़ी जानकारी सामने आई है। ईरान के मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना की कार्रवाई में पांच आम नागरिकों की जान चली गई। ईरानी न्यूज एजेंसी ने एक आर्मी सोर्स के हवाले से बताया कि अमेरिकी बलों ने दो छोटी मालवाहक नावों को निशाना बनाया, जो ओमान के खासाब तट से ईरान की ओर जा रही थीं। इन नावों में आम लोग और सामान था, न कि कोई सैन्य टुकड़ी। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने जिन छह ईरानी स्पीडबोट को निशाना बनाने की बात कही, वह दावा गलत है। उनके मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कोई भी लड़ाकू नाव उस इलाके में प्रभावित नहीं हुई। जांच के बाद ईरानी पक्ष ने इस कार्रवाई को जल्दबाजी में लिया गया कदम बताया और कहा कि अमेरिकी सेना ईरानी तेज रफ्तार नौकाओं से जरूरत से ज्यादा डर रही है।

अमेरिका क्या कह रहा?


दूसरी तरफ, अमेरिका इस पूरी घटना को एक जरूरी सैन्य कार्रवाई बता रहा है। यूएस सेंट्रल कमांड के मुताबिक, अमेरिकी हेलीकॉप्टरों ने उन छोटी नावों को निशाना बनाया जो व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा बन रही थीं। उनका दावा है कि ये नावें समुद्री यातायात में खलल डालने की कोशिश कर रही थी। जिसके बाद कुछ मामलों में गोलीबारी भी हुई।

होर्मुज स्ट्रेट बना हुआ है युद्ध का केंद्र


फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद हालात और बिगड़ गए थे। इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सहयोगियों को निशाना बनाया। इसी दौरान होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की कोशिश भी की गई, जिससे वैश्विक व्यापार पर असर पड़ने लगा। अप्रैल में पाकिस्तान की मध्यस्थता से एक अस्थायी युद्धविराम जरूर हुआ, लेकिन वह ज्यादा समय तक टिक नहीं सका। बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई और हालात फिर तनावपूर्ण हो गए। बाद में डोनाल्ड ट्रंप ने इस संघर्ष विराम को बढ़ाने का ऐलान तो किया, लेकिन कोई तय समय सीमा नहीं रखी गई। 13 अप्रैल से अमेरिका इस इलाके में ईरानी समुद्री गतिविधियों को रोकने के लिए एक तरह की नाकेबंदी भी लागू कर चुका है। ऐसे में हर छोटी घटना भी बड़ा रूप ले सकती है।