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कभी भी छिड़ सकती है दोबारा से जंग! अमेरिका ने ईरान की नौसेना से निपटने के लिए तैनात किए अपाचे हेलीकॉप्टर

अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ब्लॉकेड हटाने के लिए अपाचे हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। वहीं, ईरान ने बीते कुछ घंटे पहले यूएई पर मिसाइल अटैक किया। इससे दोबारा जंग शुरू होने का खतरा बढ़ गया है।

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Apache Helicopter

अपाचे हेलिकॉप्टर (फोटो-@USAndIndia)

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार को छह ईरानी तेज़ नावों को नष्ट कर दिया। उनका दावा था कि ये नावें वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही में बाधा डाल रही थीं। इस कार्रवाई में अमेरिकी नौसेना के Sea Hawk और Apache अटैक हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया। CENTCOM ने X (पूर्व Twitter) पर जारी बयान में कहा कि क्षेत्र में चल रहे अभियानों के दौरान वाणिज्यिक शिपिंग के लिए खतरा बन रही इन छोटी ईरानी नावों को बेअसर किया गया है।

अमेरिका का ऑपरेशन प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू

यह हमला प्रोजेक्ट फ्रीडम का हिस्सा है, जिसका मकसद होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन बहाल करना है। CENTCOM के अनुसार, इस मिशन के लिए 100 से अधिक विमान तैनात किए गए हैं। इनका संचालन ज़मीन-आधारित ठिकानों और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद दो अमेरिकी विमानवाहक पोतों से किया जा रहा है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान में दो अमेरिकी झंडे वाले व्यापारी जहाज पहले ही सैन्य सुरक्षा के साथ जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं।

ईरानी दावों को खारिज किया

CENTCOM ने ईरानी सरकारी मीडिया की उन रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि एक अमेरिकी युद्धपोत पर मिसाइल हमला हुआ। CENTCOM ने स्पष्ट किया कि किसी भी अमेरिकी नौसेना के जहाज पर कोई हमला नहीं हुआ। ईरानी मीडिया ने दावा किया था कि जास्क के पास एक अमेरिकी फ्रिगेट को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की चेतावनी के बाद भागना पड़ा और उसे नुकसान पहुंचा। CENTCOM ने कहा कि अरब खाड़ी में तैनात उसके गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक पूरी तरह से सक्रिय और सुरक्षित हैं।

'मिनी वॉर' में अपने लक्ष्य हासिल कर रही अमेरिकी सेना : ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना की कार्रवाई बहुत अच्छी तरह चल रही है। उनका कहना है कि ईरान की ताकत काफी हद तक खत्म हो चुकी है और उसे किसी भी हालत में परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

नेशनल स्मॉल बिजनेस वीक के मौके पर व्हाइट हाउस में बोलते हुए, ट्रंप ने कहा कि यह ऑपरेशन एक बड़े खतरे को रोकने के लिए जरूरी था। उन्होंने कहा कि हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकते।

ट्रंप के मुताबिक, ईरान की सैन्य व्यवस्था बुरी तरह कमजोर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास अब न नौसेना बची है, न वायुसेना, न हवाई हमलों से बचाव के साधन, न रडार- यानि उसकी रक्षा क्षमता लगभग खत्म हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के शीर्ष नेता भी अब प्रभावी स्थिति में नहीं हैं और नेतृत्व कमजोर हो गया है।

ट्रंप ने इस अभियान को सीमित लेकिन असरदार बताया। उन्होंने कहा, "मैं इसे एक 'मिनी वॉर' (छोटा युद्ध) कहता हूं," और इस बात पर जोर दिया कि अमेरिकी सेना अपने लक्ष्य हासिल कर रही है। ट्रंप ने इस कार्रवाई की आलोचना और कम जनसमर्थन के दावों को भी खारिज किया। उनका कहना था कि अगर लोगों को पूरी बात समझाई जाए, तो समर्थन ज्यादा होगा।

क्षेत्रीय तनाव और प्रतिक्रियाएं

ईरान ने हाल ही में अमेरिका और UAE के बीच वाले समुद्री क्षेत्र में एक नया स्मार्ट कंट्रोल जोन घोषित किया है, जो प्रोजेक्ट फ्रीडम के लिए सीधी चुनौती माना जा रहा है।संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के एक टैंकर पर हाल के हमले की कड़ी निंदा की है। UAE के विदेश मंत्रालय ने इसे UNSC प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन बताया और क्षेत्र में शत्रुता तुरंत समाप्त करने की अपील की।होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण शिपिंग रूट्स में से एक है। यहां बढ़ता तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।