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ईरान युद्ध के बीच नेतन्याहू ने दुनिया भर से मांगी बड़ी मदद, अचानक इजराइल को क्या हुआ?

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध में वैश्विक समर्थन मांगा है। उन्होंने दुनिया भर से अमेरिका-इजराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने की अपील की।

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भारत

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Mukul Kumar

Mar 22, 2026

Benjamin Netanyahu

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू। (इमेज सोर्स: ANI)

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के साथ बीच युद्ध में दुनिया भर से बड़ी मदद मांगी है। नेतन्याहू ने दुनिया से अमेरिका-इजराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने की अपील की है। साथ ही नेतन्याहू ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान आम लोगों को निशाना बना रहा है।

नेतन्याहू ने यह बयान इजराइल के शहर अराद में दिया। जहां शनिवार रात ईरान ने मिसाइल दागे थे। नेतन्याहू ने कहा- अगर आपको इस बात का सबूत चाहिए कि ईरान पूरी दुनिया के लिए खतरा है, तो पिछले 48 घंटों ने वह सबूत दे दिया है।

आम नागरिक को निशाना बनाने का आरोप

इजराइली पीएम ने कहा- पिछले 48 घंटों में, ईरान ने आम नागरिक वाले इलाके को निशाना बनाया। खुशकिस्मती से, कोई मारा नहीं गया, लेकिन ऐसा किस्मत की वजह से हुआ, न कि उनके इरादे की वजह से। उनका इरादा आम नागरिकों की हत्या करना है।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दुनिया के नेताओं से आग्रह किया कि वो ईरान के खिलाफ इस युद्ध में शामिल हों। उन्होंने तेहरान के उस हमले का जिक्र किया जिसमें डिएगो गार्सिया आइलैंड को निशाना बनाया गया। हिंद महासागर में यह यूके-यूएस का सैन्य अड्डा है।

ईरान ने कौन सी मिसाइल से किया अटैक?

नेतन्याहू ने कहा- ईरान ने डिएगो गार्सिया पर एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल दागी। अब उनके पास यूरोप के अंदर तक पहुंचने की क्षमता है। वहीं, नेतन्याहू ने तेहरान पर ब्लैकमेलिंग का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा- ईरान हर किसी को अपने निशाने पर ले रहा है और एक समुद्री अंतरराष्ट्रीय मार्ग और ऊर्जा मार्ग को रोक पूरी दुनिया को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा हैं।

होर्मुज की ओर नेतन्याहू का इशारा

नेतन्याहू का इशारा ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अवरुद्ध करने की ओर था, जो तेल की आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है। उन्होंने आगे कहा- अब समय आ गया है कि बाकी देशों के नेता भी इस अभियान में शामिल हों।

नेतन्याहू ने दावा किया कि कुछ देश इस अभियान में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे कौन से देश हैं या वे किस क्षमता से शामिल होंगे, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अभी और अधिक समर्थन की आवश्यकता है।