
सैनिक के कंधे पर रखकर दागी जाने वाली छोटी सी मिसाइल मैनपैड्स । ( फोटो : AI)
Iran War : मौजूदा ईरान युद्ध में एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। अमेरिका के पास दुनिया के सबसे उन्नत और करोड़ों डॉलर की कीमत वाले लड़ाकू विमान हैं, लेकिन उन्हें एक ऐसे हथियार से मात मिल रही है जिसका नाम सुनने में थोड़ा अजीब लगता है। इस हथियार का नाम मैनपैड्स है। यह कोई बहुत बड़ा रडार या विशालकाय मिसाइल लॉन्चर नहीं है, बल्कि एक सैनिक के कंधे पर रखकर दागी जाने वाली छोटी सी मिसाइल है। इसी छोटे से हथियार ने आसमान में अजेय होने के अमेरिकी वायुसेना के भ्रम को तोड़ दिया है।
मैनपैड्स का पूरा नाम 'मैन-पोर्टेबल एयर-डिफेंस सिस्टम' है। यह हथियार विशेष रूप से निचले स्तर पर उड़ान भरने वाले फाइटर जेट्स, हेलीकॉप्टरों और ड्रोन्स को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है। यह इतना छोटा और हल्का होता है कि एक अकेला सैनिक इसे अपने कंधे पर रखकर फायर कर सकता है। चूंकि यह कोई बड़ा रडार सिग्नल नहीं छोड़ता, इसलिए अमेरिकी सिस्टम के लिए इसे पहले से ट्रैक करना और नष्ट करना बेहद मुश्किल हो रहा है।
सामने आई खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी मिसाइल सिस्टम ने अमेरिका के अत्याधुनिक F-15E 'स्ट्राइक ईगल' और A-10 'वार्थोग' जैसे लड़ाकू विमानों को अपना शिकार बनाया है। यह अमेरिका के लिए एक बहुत बड़ा झटका है, क्योंकि दो दशकों से भी अधिक समय में पहली बार उन्हें हवाई युद्ध में ऐसा नुकसान उठाना पड़ा है। इससे पहले अमेरिकी नेतृत्व दावा कर रहा था कि ईरान की वायु रक्षा प्रणाली खत्म हो चुकी है, लेकिन इन आसानी से छिप जाने वाली मिसाइलों ने इस दावे की पोल खोल दी।
चिंता की बात अमेरिका के लिए सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती। रक्षा जानकारों के अनुसार, ईरान को जल्द ही किसी तीसरे देश के रास्ते 1,000 से अधिक नए मिसाइल सिस्टम मिलने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है, तो अमेरिकी विमानों के लिए ईरान के आसमान में उड़ानें भरना और अपनी जमीनी सेना को कवर देना लगभग असंभव हो जाएगा।
इस घटनाक्रम पर रक्षा विशेषज्ञों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका ने ईरानी सेना की क्षमता को कमतर आंकने की बड़ी भूल की है। वहीं, अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) के अधिकारी हैरान हैं और अब अपने पायलटों व विमानों की सुरक्षा के लिए रातों-रात नई रक्षा रणनीतियों पर विचार करने को मजबूर हो गए हैं।
इस नुकसान के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अमेरिका का अगला कदम क्या होगा? क्या अमेरिका अब ईरान में अपनी जमीनी सेना (ग्राउंड फोर्सेज) उतारने का फैसला करेगा? जब तक आसमान से लड़ाकू विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक जमीनी सैनिकों को भेजना आत्महत्या जैसा हो सकता है। आगे अमेरिका को इन छोटे मिसाइल ठिकानों को खोजने के लिए स्पेशल ऑपरेशन्स चलाने पड़ सकते हैं।
इस पूरी खबर का सबसे दिलचस्प पहलू आर्थिक विषमता यानि'असिमेट्रिक वारफेयर' से जुड़ा है। अमेरिका का एक फाइटर जेट बनाने में करोड़ों डॉलर का खर्च आता है, जबकि उसे गिराने वाली इस कंधे की मिसाइल की कीमत उसके मुकाबले कौड़ियों के भाव है। यह दर्शाता है कि कैसे आधुनिक युद्ध में भारी-भरकम बजट के बावजूद, एक सस्ती और अचूक रणनीति बड़े से बड़े दुश्मन को घुटनों पर ला सकती है।
Published on:
16 Apr 2026 02:49 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
