
पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ (Photo-IANS)
Pakistan Fuel Crisis: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद विश्व के कई देशों को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते महंगाई बढ़ी है। इसी तरह की स्थिति का सामना पाकिस्तान भी कर रहा है। दरअसल, पाकिस्तान सरकार ने मिट्टी के तेल (केरोसीन) की कीमत में 4.66 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इसके बाद 28 मार्च से इसकी नई कीमत 433.40 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो गई है।
वैश्विक तेल बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव के बावजूद सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। इनकी कीमतें क्रमशः 321.17 रुपए और 335.86 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर पर बरकरार हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय कीमतों की अस्थिरता से बचाना है।
यह स्थिति तब है जब सरकार लागत का कुछ हिस्सा स्वयं वहन कर रही है। इसके तहत पेट्रोल पर 95.59 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 203.88 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर तेल विपणन कंपनियों को भुगतान किया जा रहा है। ईंधन की बढ़ती कीमतों, मुद्रास्फीति और घरेलू खर्चों पर इसके प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
पाकिस्तान सरकार ने शनिवार को वाणिज्यिक यात्री विमानों के लिए जेट ईंधन की कीमत में 28 दिनों में पांचवीं बार वृद्धि की है। इसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से उत्पन्न वैश्विक तेल संकट बताया गया है।
पाकिस्तान स्टेट ऑयल के अनुसार, 5 रुपए प्रति लीटर की नवीनतम बढ़ोतरी के बाद जेट ईंधन की कीमत रिकॉर्ड 476.97 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है। 1 मार्च से अब तक कीमत में कुल 288 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है, जबकि महीने की शुरुआत में यह 188 रुपए प्रति लीटर थी।
जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। कराची-इस्लामाबाद और कराची-लाहौर जैसे घरेलू रूटों पर एक तरफ का किराया 40,000 पाकिस्तानी रुपए तक पहुंच गया है। चांस सीट या तत्काल टिकट की कीमतों में 150% तक वृद्धि देखी गई है।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी महंगी हो गई हैं। मध्य पूर्व, टोरंटो, पेरिस और मैनचेस्टर जैसे गंतव्यों के लिए इकोनॉमी क्लास का किराया अब 3 लाख से 7 लाख पाकिस्तानी रुपए के बीच हो गया है।
जेट ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी फ्यूल टैक्स में किए गए अन्य बदलावों के साथ हुई है। इसमें लग्जरी गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले हाई-ऑक्टेन पेट्रोल पर लगने वाली लेवी में 200 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर की वृद्धि भी शामिल है, जिससे महंगाई का दबाव और बढ़ गया है।
पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में इस व्यापक बढ़ोतरी ने जीवन-यापन की लागत को और बढ़ा दिया है। इसके परिणामस्वरूप परिवहन किराए और फल-सब्जियों जैसी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ गए हैं।
Updated on:
29 Mar 2026 09:18 am
Published on:
29 Mar 2026 09:18 am
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