
ईरान की इजरायल पर दागी गई मिसाइल (फोटो - C A N N Y B U S S एक्स पोस्ट)
मध्य पूर्व में तनाव दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई लगातार जारी है और फिलहला इन देशों के बीच सुलह के कोई आसार नजर नहीं आ रहे है। हालांकि भारत इस युद्ध की स्थिति में भी तीनों ही देशों से संतुलित संबंध बनाए हुए है। इजरायल और अमेरिका के साथ-साथ ईरान भी इस मुश्किल की घड़ी में भारत को अपना दोस्त मान रहा है। इसी का एक संदेश देते हुए ईरान ने अपनी मिसालइलों पर थैंक्यू इंडिया लिखकर भारतीयों के प्रति आभार जताया है।
ईरान की एयरोस्पेस फोर्स ने इजरायल पर यह मिसालइलें दागी थी। इनमें भारत, पाकिस्तान, स्पेन और जर्मनी समेत कुछ अन्य देशों के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए थैंक्यू लिखा गया था। ईरान के इस नए कदम ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। ईरान के इस कदम को उसके सैन्य अभियान ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 (Operation True Promise 4) का हिस्सा बताया जा रहा है। इस ऑपरेशन को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा अंजाम दिया जा रहा है, जिसमें लंबी और मध्यम दूरी की मिसाइलें, ड्रोन और प्रिसिजन स्ट्राइक सिस्टम का इस्तेमाल हो रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह 83वीं वेव थी, जिसमें इजरायल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें अशदोद के ऑयल स्टोरेज, मोदिइन के सैन्य ठिकाने और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी बेस शामिल हैं।
भारतीयों का शुक्रिया अदा करने के साथ-साथ ईरान ने अन्य तरीकों से भी यह दर्शाया है कि वह भारत को अपना दोस्त मानता है। इस सकंट के समय में जहां अमेरिकी और सहयोगी देशों के जहाजों को ईरान होर्मुज स्टेट से नहीं गुजरने दे रहा है वहीं भारतीय जहाजों का यहां से सुरक्षित निकलता ईरान और भारत के अच्छे संबंधों का बड़ा उदाहरण है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भारत को फ्रेंडली देशों में शामिल बताया है। यह कदम भारत और ईरान के बीच संतुलित संबंधों और ऊर्जा तथा व्यापारिक हितों को दर्शाता है। साथ ही यह संदेश अंतरराष्ट्रीय मंच पर समर्थन जुटाने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है।
भारत के लोगों, खासकर जम्मू-कश्मीर क्षेत्र से मिले मानवीय समर्थन ने भी इस संदेश को प्रभावित किया है। हाल के हफ्तों में वहां के लोगों ने ईरान के प्रभावित नागरिकों के लिए दान अभियान चलाए हैं, जिनमें पैसे, गहने और जरूरी सामान शामिल हैं। बच्चों द्वारा गुल्लक दान करने और एक महिला द्वारा वर्षों पुराना सोना दान करने जैसे उदाहरणों ने भावनात्मक असर डाला है। ईरान के दूतावास ने इन प्रयासों की सराहना की है। दूसरी ओर भारत सरकार ने इस पूरे संकट में संतुलित रुख अपनाते हुए संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान पर जोर दिया है।
Published on:
28 Mar 2026 10:30 am
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