
Mohammad Bagher Ghalibaf (Photo - ANI)
Mohammad Bagher Ghalibaf on Islamabad Talks Stalemate: पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच हुई शांति वार्ता बेनतीजा रही। इसको लेकर दोनों देशों के बीच 21 घंटे से ज्यादा वार्ता चली, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर पेंच फंस गया। वहीं, ईरान की तरफ से कहा गया कि अमेरिका की शर्त ज्यादा सख्त थीं, इसलिए समझौते का कोई रास्ता नहीं निकल सका है। उधर, इस्लामाबाद में अमेरिका से बातचीत में ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।
उन्होंने कहा, 'हमने वार्ता शुरू होने से पहले ही जोर दिया था कि हमारे पास आवश्यक नेकनीयती और इच्छाशक्ति है, लेकिन पिछले दो युद्धों के अनुभवों के कारण हमें विपक्षी पक्ष पर कोई भरोसा नहीं है।' उन्होंने वार्ता के परिणाम पर विचार करते हुए कहा, 'विपक्षी पक्ष अंततः वार्ता के इस दौर में ईरानी प्रतिनिधिमंडल का विश्वास हासिल करने में विफल रहा।' इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान की भूमिका की सराहना भी की।
ईरान से वार्ता विफल होने के बाद अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस की भी प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा, सीजफायर वार्ता नाकाम होने से ईरान को सबसे अधिक नुकसान होगा। अमेरिका ने अपना आखिरी और सबसे अच्छा प्रस्ताव दिया था, लेकिन ईरान ने इस मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि लंबी बातचीत के बावजूद ईरान ने यह साफ नहीं किया कि वह भविष्य में परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।
ईरान के खिलाफ जंग में नहीं उतरने के ब्रिटेन के फैसले को वहां के स्वास्थ्य मंत्री ने सही करार दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट को भड़काऊ और विवादित करार देते हुए उन्होंने कहा, अब हम समझ चुके हैं कि ट्रंप को उनके कहने के मुताबिक नहीं, बल्कि उनके काम से आंकना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले का हल सिर्फ बातचीत से ही निकल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि समझौता ऐसा होना चाहिए जिससे ईरान के लिए परमाणु हथियार बनाना असंभव हो जाए।
Updated on:
12 Apr 2026 04:27 pm
Published on:
12 Apr 2026 04:27 pm
