
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने इस्लामाबाद में उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। (Photo - IANS)
US-Iran: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को बातचीत हुई। 1979 में ईरान में इस्लामिक क्रांति के बाद यानी 47 साल बाद ये पहली बार है, जब दोनों देशों के नेता वार्ता के लिए आमने-सामने आए हैं। युद्ध विराम वार्ता का यह पहला दौर 2 घंटे तक चला। अमेरिका की तरफ से उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की तरफ से संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने बैठक का नेतृत्व किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौर की बातचीत में ईरान ने लेबनान में इजरायल द्वारा हमले रोकने की मांग की गई।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन ने पाकिस्तान में अमेरिका से बातचीत कर रहे ईरानी प्रतिनिधिमंडल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल देश के हितों की रक्षा के लिए मजबूती और बेखौफ होकर बातचीत कर रही है। सोशल मीडिया पर उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार देश की जनता की हर हाल में सेवा करती रहेगी। इस बातचीत का नतीजा चाहे कुछ भी हो। सरकार देश के लोगों के साथ खड़ी है।
पाकिस्तान में जारी शांति वार्ता के बीच लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने अगले सप्ताह होने वाले अमेरिकी दौरे को रद्द कर दिया है। इस दौरे पर उनकी मुलाकात अमेरिकी विदेश मंत्री मर्को रुबियो से होना था। उन्होंने अमेरिकी दौरा रद्द किए जाने के संबंध में कहा, लेबनान की मौजूदा स्थिति को देखते हुए देश में उनका रहना जरूरी है। देश की सुरक्षा और एकता बनाए रहना जरूरी है।
इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान की शांति वार्ता के बीच इजरायली सेना की तरफ से हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले को लेकर बड़ी जानकारी दी गई है। इजरायली सेना का कहना है कि उसने 24 घंटे में लेबनान में हिजबुल्लाह के 200 ठिकानों को निशाना बनाया।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इजरायली सेना ने कहा कि उसकी वायु सेना अपने चल रहे सैन्य अभियान के हिस्से के रूप में दक्षिणी लेबनान में स्थित हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे पर हमले करना जारी रखेगी।
Updated on:
11 Apr 2026 10:06 pm
Published on:
11 Apr 2026 09:53 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
US Israel Iran War
