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आतंकी हमलों के लिए उकसाती थी ISIS की ‘जिहादी दुल्हन’

ब्रिटेन की दर्जनों महिलाएं और लड़कियां घर छोड़कर इस्लामिक स्टेट में शामिल हो गई हैं। 

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lalit fulara

Aug 14, 2016

Isis jihadi brides

Isis jihadi brides

लंदन। ब्रिटेन की दर्जनों महिलाएं और लड़कियां घर छोड़कर इस्लामिक स्टेट में शामिल हो गई हैं। ये महिलाएं आतंकियों के झूठे वायदों के जाल में इस कदर फंस गई थी कि सीधे ब्रिटेन से सीरिया जा पहुंची। बताया जा रहा है कि इन महिलाओं से आतंकियों ने स्नेही पति बनने का वायदा किया था। अब इन महिलाओं के आईएसआईएस के चंगुल से जिंदा बचकर घर लौटने की बेहद कम संभावना जताई जा रही है।


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घर छोड़कर गई 17 साल की लड़की की मौत

इनमें से एक 17 साल की काडिज़ सुल्ताना के रूसी हवाई हमलों में मारे जाने की बात कही जा रही है। जबकि उसकी दो सहेलियों का अभी कुछ पता नहीं चल पाया है। काडिज़ अपनी दो सहेलियों अमीर अबसे और शमीम बेगम के साथ पिछले साल सीरिया गई थी। काडिज़ के परिवार के मुताबिक, इस्लामिक स्टेट में शामिल होने के कुछ ही दिनों बाद उसका जिंदगी से मोहभंग हो गया था।

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इस्टर के दिन ब्रिटेन से सीरिया गईं थी तीनों

काडिज़ अपनी दो सहेलियों अमीर अबसे और शमीम बेगम के साथ इस्टर के दिन पूर्वी लंदन के अपने घर से भागकर सीरिया चली गईं थी। तीनों ने रक्का में इस्लामिक स्टेट के आतंकियों से शादी कर ली थी। तीनों ने अच्छी पत्नी बनने और इस्लामिक स्टेट के विचार से प्रभावित होकर घर छोड़ा था। साल 2015 में 56 महिलाएं और लड़कियां ब्रिटेन से सीरिया इस्लामिक स्टेट में भर्ती होने के लिए गईं थीं। इन लड़कियों के परिवारों के सॉलिसिटर तसनीम अकुंजी का कहना है कि काडिज़ की हवाई हमलों में मौत हो गई है जबकि अमीरा और शमीम अभी जिंदा हैं।




बहन को किया था फोन

काडिज़ ने पिछले साल नवंबर में अपनी बहन को फोन किया था। उसने बताया था कि वह इस्लामिक स्टेट के चंगुल में घुटन महसूस कर रही है। आईएसआईएस के चंगुल से बाहर निकलना संभव नहीं है। इस फोन के पांच महीनों के बाद काडिज़ के रूसी हवाई हमलों में मारे जाने की बात सामने आई।



यौन इच्छा के लिए आतंकी महिलाओं का करते हैं इस्तेमाल

सारा खान का कहना है कि इन जिहादी दुल्हनों के वापस लौटने की संभावना ना के बराबर है। सारा अतिवाद विरोधी समूह की सह-संस्थापक हैं। उनका कहना है कि अगर इन महिलाओं के पहले पति की हमले में मौत हो जाती है तो दूसरे लड़ाके से इनकी शादी करा दी जाती है। अपनी यौन इच्छा को पूरा करने के लिए आतंकी इन महिलाओं का इस्तेमाल करते हैं। इनको बुरी तरह से पीटा जाता है।

ब्रिटेन पर हमला के लिए उकसाती हैं जिहादी दुल्हन

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आतंकी जाल में फंसी महिलाओं को ब्रिटेन और अमरीका में हमला करने के लिए उकसाते हैं। इन महिलाओं के जरिए ही अन्य महिलाओं को जाल में फंसाया जाता है। सारा खान का कहना है कि सीरिया गई महिलाएं दूसरे महिलाओं को भी इंटरनेट चैटिंग के जरिए अपने जाल में फंसा रही हैं। स्कॉटिश विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र अक़्स महमूद ने स्वीकार किया है कि उसका काम आतंकी संगठन के लिए ऑनलाइन रिक्रूट करने का था।