
fourth dose of COVID-19 vaccine
नई दिल्ली। पूरी दुनिया महामारी कोरोना वायरस से जूझ रही है। बीते 2 साल से कोरोना वायरस ने धरती पर तांडव मचा रखा है। कोरोनावायरस के नए वैरिएंट 'ओमिक्रॉन' ने सभी की चिंता बढ़ा दी है। कोविड-19 जंग लड़ने के लिए सभी देश अपने—अपने स्तर पर हर संभव प्रयास कर रहे हैं। सभी देश अपने नागरिकों को कोरोना वायरस के बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चला रहे हैं। इसी कड़ी में इजराइल ने बड़ी सफलता हासिल की है। इसराइल ने कोरोना से बचने के लिए टीके की चौथी खुराक का परीक्षण शुरू कर दिया है।
ओमिक्रॉन के खिलाफ मिलेगी मदद
बूस्टर का दूसरा दौर तेजी से फैलने वाले ओमीक्रॉन संस्करण के साथ संघर्ष करने में मदद करेगा। माना जा रहा है कि जल्दी इसके सफल परिणाम सामने आएंगे और लोगों के लिए चौथी खुराक उपलब्ध कराई जाएगी। राजधानी तेल अवीव के बाहरी इलाके में स्थित शिबा मेडिकल सेंटर में 150 चिकित्सा कर्मियों पर परीक्षण की शुरुआत हुई जिन्हें अगस्त में बूस्टर (तीसरी) खुराक लगी थी। उन्हें फाइजर/बायोनटेक टीके की चौथी खुराक दी जा रही है। कर्मियों को दी गई अतिरिक्त खुराक की जांच की गई और पाया गया कि उनके शरीर में एंटीबॉडी का स्तर कम है।
इजराइल बना बूस्टर देने वाला पहला देश
इजराइल एक साल पहले प्रारंभिक टीकाकरण शुरू करने वाला सबसे तेज देश था। समय के साथ प्रतिरक्षा कम होने के बाद बूस्टर कार्यक्रम शुरू करने वाले पहले देशों में से एक बन गया। ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रकोप के साथ अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच मंत्रालय के एक विशेषज्ञ पैनल ने पिछले हफ्ते सिफारिश की कि इज़राइल दूसरा बूस्टर देने वाला पहला देश बनने जा रहा है। शुरू में चिकित्सा कर्मचारियों और 60 साल से अधिक लोगों के लिए इसका उपयोग किया जाएगा।
Published on:
28 Dec 2021 01:01 pm
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