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ईरान-इजरायल संघर्ष: ‘दक्षिणी लेबनान पर कब्जा करके ही लौटेंगे’ जानिए किस देश ने खाई कसम?

ईरान और US-इजरायल के बीच 28 फरवरी से शुरू हुई जंग जारी है। ईरान-इजरायल के बीच जारी जंग अब खतरनाक मोड पर पहुंच गई है। इस संघर्ष के बीच अब 'दक्षिणी लेबनान' पर नियंत्रण करने की तैयारी है।

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भारत

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Vinay Shakya

Mar 24, 2026

Israel Katz

Israel Katz (Photo - Washington Post)

Iran-Israel Conflict: ईरान और US-इजरायल के बीच जारी युद्ध की वजह से पूरे मिडिल ईस्ट में नाजुक हालात हैं। हालिया घटनाक्रम में इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में नए ठिकानों पर हमला किया। अब इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज (Israel Katz) ने 'दक्षिणी लेबनान' पर नियंत्रण करने का दृण निश्चय किया है। ईरान-इजरायल युद्द की वजह से सऊदी अरब, कुवैत समेत खाड़ी देशों में ड्रोन हमलों और हवाई रक्षा गतिविधियां बढ़ गई हैं।

दक्षिणी लेबनान पर कब्जे की तैयारी

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में लिटानी नदी तक कब्जा करने की कसम खाई है। इजरायल ने दक्षिणी लेबनान पर एक सुरक्षा क्षेत्र स्थापित करने की बात कही है। इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने स्पष्ट किया कि सेना जल्द ही लिटानी नदी तक पूरे इलाके का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेगी, जिससे देश की उत्तरी सीमा की सुरक्षा स्थिति मजबूत होगी। एक सैन्य कमान केंद्र के दौरे के दौरान काट्ज ने बताया कि लिटानी नदी पर बने 5 प्रमुख पुलों को इजरायल ने नष्ट कर दिया है। काट्ज ने दावा किया कि इन पुलों का इस्तेमाल हिज्बुल्लाह आतंकियों और हथियारों की आवाजाही के लिए किया जा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल सेना अब शेष पुलों और पूरे सुरक्षा क्षेत्र पर नियंत्रण सुनिश्चित करेगी।

इजरायल की चेतावनी- हिजबुल्ला जैसा हाल कर देंगे

दक्षिणी लेबनान को इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने बड़ी धमकी दी है। काट्स ने कहा कि हिजबुल्ला जैसा हाल कर देंगे। इसके साथ ही काट्ज ने संकेत दिया कि मौजूदा मध्य पूर्व संघर्ष के कारण विस्थापित हुए दक्षिणी लेबनान के लाखों लोग तब तक अपने घरों में नहीं लौट पाएंगे, जब तक इजरायल के उत्तरी इलाकों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं मिल जाती है। इसराइल काट्ज ने कहा कि सेना लिटानी नदी तक दक्षिणी लेबनान का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेगी, जो उत्तरी सीमा पर इजरायल की सुरक्षा स्थिति में एक महत्वपूर्ण वृद्धि का संकेत है।

ईरान और US-इजरायल युद्ध का असर

ईरान और US-इजरायल के बीच शुरू हुई जंग ने पूरे मध्य पूर्व में गंभीर क्षेत्रीय तनाव पैदा कर दिया है। इस संघर्ष के बढ़ते दायरे के साथ मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मंगलवार तक आधिकारिक बयानों और मानवाधिकार संगठनों से जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका-ईरान-इजरायल युद्ध में अब तक 5,500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

ईरान, ईराक, लेबनान में मौत का आंकड़ा बढ़ा

ईरान में मानवाधिकार समूह HRAANA के मुताबिक इस युद्ध में कम से कम 3,268 लोगों की जान गई है, जिनमें 217 बच्चे शामिल हैं। हालांकि, सरकारी मीडिया ने मृतकों की संख्या 1,270 बताई है, जो HRAANA के आंकड़े से काफी कम है। वहीं, लेबनान में इजरायली हमलों में 1,000 से अधिक लोग मारे गए हैं, जबकि इराक में 81 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इजरायल में ईरानी मिसाइल हमलों के कारण 16 लोगों की मौत हुई है और वेस्ट बैंक में 4 लोगों ने जान गंवाई है। अमेरिका ने भी अपने 13 सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है। इसके अलावा, खाड़ी देशों सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी हताहतों की खबरें सामने आई हैं।