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‘ब्लैकमेल कर रहा है ईरान…’ हिज्बुल्लाह पर कार्रवाई की मांग, इजरायल ने लेबनान को दिया बड़ा ऑफर

Eylon Levy on Hezbollah Disarmament: इजरायल ने हिज्बुल्लाह पर कार्रवाई की मांग करते हुए लेबनान को सीधी शांति वार्ता का बड़ा प्रस्ताव दिया है। क्या इससे पश्चिम एशिया में बड़े बदलाव की शुरुआत होगी? जानें क्या है पूरा मामला।

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भारत

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Rahul Yadav

Apr 11, 2026

Eylon Levy, Former Spokesman for Israel

Eylon Levy, Former Spokesman for Israel (PhotoANI)

Israel Peace offer to Lebanon: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक बड़ा कूटनीतिक और सैन्य संकेत सामने आया है। इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपने रुख से पीछे हटने वाला नहीं है। इसी बीच इजरायल के पूर्व प्रवक्ता इलोन लेवी ने ईरान पर होर्मुज को लेकर 'ब्लैकमेल' करने का आरोप लगाया है, जिससे पूरे घटनाक्रम को एक नया आयाम मिल गया है। साथ ही, इजरायल ने लेबनान को सीधे शांति वार्ता का प्रस्ताव भी दिया है। विशेषज्ञ इसे पूरे क्षेत्र में संभावित बड़े बदलाव की शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं।

होर्मुज से लेकर लेबनान तक तनाव का माहौल

मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच टकराव पहले से ही चरम पर है। ऐसे में लेबनान का मुद्दा और खासकर हिज्बुल्लाह की भूमिका अब केंद्र में आ गई है। इजरायल का आरोप है कि हिज्बुल्लाह, जिसे वह ईरान समर्थित संगठन मानता है, वह लगातार उसके उत्तरी इलाकों पर हमले कर रहा है। वहीं इलोन लेवी ने ईरान पर आरोप लगाया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर वैश्विक स्तर पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।

हिज्बुल्लाह पर कार्रवाई चाहता है इजरायल

इजरायल के पूर्व सरकारी प्रवक्ता इलोन लेवी ने स्पष्ट कहा कि लेबनान को अब हिज्बुल्लाह के खिलाफ सख्त कदम उठाने होंगे। उनके मुताबिक, पिछले एक महीने में हजारों रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन हमले इजरायल पर किए गए हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग लगातार खतरे में हैं। उन्होंने कहा कि इजरायल अपने नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा।

लेबनान को दिया सीधा ऑफर

इजरायल ने सिर्फ चेतावनी ही नहीं दी है बल्कि लेबनान को एक बड़ा कूटनीतिक ऑफर भी दिया है। उसने संकेत दिया है कि वह सीधे लेबनान सरकार के साथ शांति वार्ता करने को तैयार है, ताकि हिज्बुल्लाह के खतरे को खत्म किया जा सके।

इजरायल का मानना है कि केवल अस्थायी सीजफायर से इस समस्या का समाधान नहीं होने वाला है, इसके लिए स्थायी शांति के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

‘अब्राहम समझौते’ जैसा मॉडल अपनाने की कोशिश

इजरायल चाहता है कि लेबनान भी उन देशों की तरह उसके साथ सामान्य संबंध रखे, जिन्होंने पहले ही संबंध सामान्य कर लिए हैं। इनमें संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मोरक्को शामिल हैं। इजरायल का उद्देश्य है कि पूरे क्षेत्र में शांति का दायरा बढ़े और ईरान समर्थित समूहों का प्रभाव कम हो जाए।

हिज्बुल्लाह का मुद्दा इतना अहम क्यों है?

हिज्बुल्लाह को इजरायल एक बड़े खतरे के रूप में देखता है। उसका कहना है कि यह संगठन लेबनान की जमीन का इस्तेमाल इजरायल पर हमलों के लिए करता है। इजरायल के मुताबिक, सालों पहले संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव में भी लेबनान से हिज्बुल्लाह को खत्म करने की बात कही गई थी, लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ। यही वजह है कि आज स्थिति इतनी गंभीर हो गई है।

क्या हालात और बिगड़ सकते हैं?

इजरायल ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर लेबनान हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है तो वह खुद अपने स्तर पर कदम उठाता रहेगा। इससे क्षेत्र में बड़े सैन्य टकराव की आशंका भी बनी हुई है। इजरायल का यह प्रस्ताव और सख्त रुख पश्चिम एशिया की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। एक तरफ जहां शांति वार्ता की संभावना दिखाई दे रही है, वहीं दूसरी तरफ सैन्य टकराव का खतरा भी बना हुआ है।