
इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी और इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू। (फोटो- ANI)
यूरोप में इजराइल का सबसे भरोसेमंद साथी इटली ने अब रक्षा समझौते की अपने आप होने वाली नवीनीकरण प्रक्रिया रोक दी है।
इसको लेकर इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू अपने ही देश में बुरी तरह से घिर गए हैं। इस मामले को लेकर इजराइल के विपक्षी नेता याईर लपीद ने नेतन्याहू को जमकर सुनाया है।
इजराइल के मुख्य विपक्षी नेता याईर लपीद ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इटली का यह फैसला नेतन्याहू सरकार की एक और शर्मनाक नाकामी है। उन्होंने विदेश मंत्री गिदोन सार पर भी निशाना साधा और उन्हें 'न के बराबर' विदेश मंत्री बताया।
लपीद ने साफ कहा कि मेलोनी कोई वामपंथी या उदारवादी यूरोपीय नेता नहीं हैं, वो दक्षिणपंथी खेमे से हैं और आतंकवाद से लड़ने की जरूरत को समझती हैं। इसके बावजूद सरकार उन्हें साथ नहीं रख पाई। यही इस सरकार की असली विफलता है।
इजराइल और इटली के बीच यह रक्षा समझौता 2006 में हुआ था। इसके तहत दोनों देश रक्षा उद्योग, सैनिकों की शिक्षा और प्रशिक्षण, रिसर्च और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में मिलकर काम करते थे।
यह समझौता हर पांच साल में अपने आप नवीनीकृत हो जाता था। लेकिन अब इटली ने इस अपने आप होने वाली प्रक्रिया को रोक दिया है।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी यूरोप की दक्षिणपंथी नेताओं में गिनी जाती हैं और लंबे समय तक इजरायल की सबसे मजबूत यूरोपीय समर्थक रही हैं। लेकिन हाल के हफ्तों में उनकी सरकार ने लेबनान पर इजराइली हमलों की खुलकर आलोचना की है।
पोप लियो के मामले में भी वो ट्रंप के सामने डटकर खड़ी रहीं। जब इस तरह की नेता भी दूरी बनाने लगे तो यह इजरायल के लिए कूटनीतिक मोर्चे पर बड़ा झटका है।
इटली की समाचार एजेंसी ANSA के मुताबिक, जॉर्जिया मेलोनी ने वेरोना में आयोजित एक कार्यक्रम में साफ कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार ने इजराइल के साथ रक्षा समझौते के स्वतः नवीनीकरण को निलंबित करने का फैसला किया है। उन्होंने इस फैसले की कोई विस्तृत वजह नहीं बताई लेकिन इशारा साफ था।
Updated on:
14 Apr 2026 09:02 pm
Published on:
14 Apr 2026 08:45 pm
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