
ईरान ने कहा था हमारी मर्जी के बिना होर्मुज स्ट्रेट से कोई नहीं गुजर सकता, गुजर रहा इजरायली जहाज ढेर (सोर्स: एक्स यूजर Arya Yadeghaar)
Iran Strait of Hormuz Attack: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अब हालात और ज्यादा गंभीर होते नजर आ रहे हैं। होर्मुज स्ट्रेट, जो दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, वहीं एक बड़ा हमला सामने आया है। युद्ध के बीच ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि उसकी इजाजत के बिना इस रास्ते से कोई जहाज नहीं गुजर सकता, अब उसने उस चेतावनी को सच कर दिखाया। हालांकि उसने भारत जैसे कई देशों का रास्ता नहीं रोका, उसका कहना था कि होर्मुज स्ट्रेट सिर्फ दुश्मन और उसके साथ देने वालों के लिए बंद है।
ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी ने दावा किया है कि उसने इजराइल से जुड़े एक कमर्शियल जहाज को ड्रोन से निशाना बनाया, जिससे उसमें आग लग गई और वह तबाह हो गया। उसके (ईरान सेना) मुताबिक, यह जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा था, जब उस पर हमला हुआ। IRGC ने सोशल मीडिया और अपने आधिकारिक चैनलों के जरिए इस कार्रवाई की पुष्टि भी की है।
इस घटना के बाद वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यह इलाका दुनिया की ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
ईरान की सेना ने बताया कि एक जहाज, जो किसी तीसरे देश का झंडा लगाए चल रहा था और जिसकी पहचान ‘MCS इशिका’ के रूप में हुई है, उसे निशाना बनाया गया। यह हमला खलीफा बिन सलमान पोर्ट पर किया गया, जहां उनकी नेवी ने एक शक्तिशाली हथियार से जहाज पर वार किया।
शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस हमले पर इजराइल की तरफ से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। रिपोर्ट में कहा गया है कि तेल अवीव और रमत गन जैसे शहरों में इजराइल के ठिकानों पर कई वॉरहेड वाली कद्र मिसाइलों से लगातार हमला किया गया।
वहीं, इजराइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने कहा कि उसने तेहरान में अहम ठिकानों को निशाना बनाया। इंटेलिजेंस के आधार पर ईरान की कई डिफेंस साइट्स पर हमला किया गया, जिसमें IRGC की एयर डिफेंस फैसिलिटी भी शामिल थी, जहां विमान गिराने वाली मिसाइलें रखी थीं। इसके अलावा हथियारों के रिसर्च सेंटर, बैलिस्टिक मिसाइल स्टोरेज और प्रोडक्शन से जुड़ी कई जगहों को भी टारगेट किया गया।
IDF के अनुसार, ये हमले ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करने के बड़े अभियान का हिस्सा हैं। इसी बीच, रिपोर्ट्स में बताया गया कि दो अमेरिकी लड़ाकू विमान ईरानी फायरिंग की चपेट में आकर क्रैश हो गए। एक पायलट को बचा लिया गया, जबकि दूसरा लापता है।
उधर, ईरान के खुज़स्तान प्रांत में कई पेट्रोकेमिकल कंपनियों पर हमले हुए, जिसमें कम से कम 5 लोग घायल हुए हैं। कुछ जगहों को भारी नुकसान हुआ है और पूरे इलाके को खाली करा लिया गया है।
Updated on:
04 Apr 2026 10:56 pm
Published on:
04 Apr 2026 09:50 pm
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