
Newborn kids in Japan
दुनिया के कई देशों में जनसंख्या में वृद्धि की रफ्तार धीमी हो गई है। इसकी वजह है जन्म दर में कमी। दुनिया के कई देश जन्म-दर में कमी से जूझ रहे हैं। लोग बच्चों को जन्म देने से कतरा रहे हैं। बढ़ती महंगाई, नौकरियों की कमी, रहने के लिए हालातों का मुश्किल होना और दूसरे अन्य कारणों की वजह से युवा अब बच्चों को जन्म देने में कम रूचि दिखा रहे हैं जो कई देशों में चिंता का विषय बन गया है। इनमें जापान भी शामिल है। हाल ही में जापान जन्म-मृत्यु दर के ऐसे आंकड़े सामने आए हैं जो चौंका देने वाले हैं।
जन्म-दर :-
| साल | जन्मे लोगों की संख्या |
| 2013 | 10 लाख |
| 2015 | 10 लाख |
| 2017 | 9.46 लाख |
| 2019 | 8.65 लाख |
| 2021 | 8.12 लाख |
| 2023 | 7.59 लाख |
मृत्यु-दर :-
| साल | मरने वाले लोगों की संख्या |
| 2013 | 14 लाख |
| 2015 | 14 लाख |
| 2017 | 15 लाख |
| 2019 | 15 लाख |
| 2021 | 16 लाख |
| 2023 | 16 लाख |
एलन मस्क चिंतित, जताई सुधार की उम्मीद
जापान में घट रही जन्म-दर और बढ़ रही मृत्यु-दर से एलन मस्क चिंतित हैं। एलन दुनिया के सभी उन देशों में जहाँ लोग बच्चों को जन्म देने से कतरा रहे हैं, में जन्म-दर बढ़ाने के समर्थक हैं। एलन जापान में इसे ज़रूरी मानते हैं और उन्होंने इन आंकड़ों को देखते हुए इनमें सुधार की उम्मीद भी जताई है।
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Published on:
6 Mar 2024, 3:53 PM IST
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