
ईरानी युद्धपोत IRIS लावन(फाइल फोटो- IANS)
Iran Warship IRIS Lavan: केरल के एर्नाकुलम जिले में स्थित कोच्चि बंदरगाह पर खड़े ईरानी युद्धपोत IRIS लावन का फुटेज बना रहे 3 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में रिपब्लिक टीवी का रिपोर्टर सीजी शंकर, कैमरामैन एस मणि और उनका ड्राइवर विजय कुमार शामिल है। आरोप है कि ये तीनों लोग सुबह-सुबह नाव पर बैठकर जहाज के पास हाई सिक्योरिटी जोन में पहुंचे और वीडियो बनाने की कोशिश की। इसके बाद CISF अधिकारियों ने उन्हें कस्टडी में ले लिया। बाद में CISF ने कस्टडी में लिए गए तीनों लोगों को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया।
ईरानी युद्धपोत का वीडियो बनाने पर हुई 3 लोगों की गिरफ्तारी के बाद कोच्चि पुलिस ने चेतावनी जारी की है। कोच्चि के DCP अश्वथी गिगी द्वारा जारी चेतावनी में कहा गया कि केरल के तट पर खड़े विदेशी, संवेदनशील या अन्य जहाजों की फोटो खींचना या वीडियो बनाना सुरक्षा की दृष्टि से पूरी तरह से मना है। अगर किसी के पास अभी ऐसे विजुअल या फोटो हैं तो उन्हें तुरंत डिलीट कर दें। DCP ने कहा कि चूंकि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है। इसलिए सुरक्षा नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ईरानी नेवी के युद्धपोत IRIS लावन को तकनीकी दिक्कतों के बाद कोच्चि में डॉक किया गया था। भारत सरकार की अनुमति के बाद IRIS लावन 4 मार्च को सुरक्षित रूप से कोच्चि पोर्ट पर पहुंचा था। ईरान ने 28 फरवरी को भारत सरकार से इस युद्धपोत को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति मांगी थी। ईरान के अनुरोध पर भारत सरकार ने 1 मार्च को युद्ध को डॉक करने की अनुमति दी थी। इसके बारे में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नई दिल्ली में 'रायसीना डायलॉग 2026' में जानकारी दी थी। विदेश मंत्री ने कहा था कि भारत में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (International Fleet Review) 2026 में शामिल होने वाले IRIS लावन को तकनीकि खराबी के कारण इसे कोच्चि में डॉक किया था।
कोच्चि में डॉकिंग के बाद जहाज से कुल 183 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इन सभी क्रू मेंबर्स को कोच्चि में इंडियन नेवी की स्पेशल मॉनिटरिंग फैसिलिटी और अन्य जगहों पर रखा गया है। सुरक्षा कारणों से, क्रू मेंबर्स को अभी नेवी की फैसिलिटी से बाहर जाने की इजाजत नहीं है। क्रू मेंबर्स को जरूरी मेडिकल सुविधा और रहने की जगह इंडियन नेवी की देखरेख में दी जा रही है।
IRIS लावन की कोच्चि में डॉकिंग से पहले अमेरिकी पनडुब्बी ने हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत IRIS डेना को टॉरपीडो से हमला करके डुबो दिया था। IRIS डेना के डूबने से 87 लोगों की मौत हुई थी। यह हमला श्रीलंका के तट से लगभग 40 समुद्री मील दूर एक अमेरिकी पनडुब्बी से किया गया था। अमेरिका हमले का शिकार हुआ ईरानी युद्धपोत नौसैनिक अभ्यास में शामिल होकर लौट रहा था।
Published on:
08 Mar 2026 07:31 pm
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