
पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में नागरिकों पर जुल्म के खिलाफ ब्रैडफोर्ड में पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन करते कश्मीरी प्रवासी। (फोटो: ANI)
Kashmiri Community Protests in Bradford Against Oppression In PoK: पाकिस्तान की सेना चार कश्मीरियों की हत्या कर दी है और वह पाकिस्तान-अधिकृत जम्मू और कश्मीर के नागरिकों पर बहुत जुल्म कर रही है।कश्मीरी प्रवासियों के संगठन जम्मू कश्मीर राष्ट्रीय स्वतंत्रता गठबंधन ने यह आरोप लगाते हुए ब्रैडफोर्ड में पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और धरना दिया। पिछले चार दिन से जारी प्रदर्शन रविवार को तेज हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान पर पीओजेके से फौज की वापसी के लिए आवाज बुलंद की। जम्मू कश्मीर राष्ट्रीय स्वतंत्रता गठबंधन के अध्यक्ष महमूद कश्मीरी ने सभा में कहा कि पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर चार कश्मीरियों की हत्या कर दी है, यह राज्य में लगातार हो रही हिंसा का का ही हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शांतिपूर्ण जन आंदोलन को फौज के माध्यम से दमन कर दबाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा, "यह एक जन आंदोलन है, और जन आंदोलनों को दमन कर समाप्त नहीं किया जा सकता।" उन्होंने कहा कि फौज की बढ़ती मौजूदगी मसला हल करने के बजाय नागरिकों को डराने की कोशिश है।
महमूद कश्मीरी ने पाकिस्तानी अधिकारियों से समस्या का शांतिपूर्ण समाधान अपनाने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि हिंसा से क्षेत्र में तनाव और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि शांति और सुरक्षा केवल संवाद के माध्यम से ही प्राप्त की जा सकती है, फौजी कार्रवाई या नागरिकों की हत्या से कुछ नहीं हो सकता। जेकेएनआईए के अध्यक्ष ने दावा किया कि पूरे पीओजेके में पूर्ण बंद का पालन किया जा रहा है, जिसे उन्होंने आंदोलन के लिए व्यापक जन समर्थन का प्रमाण बताया। उनके अनुसार, महिलाएं, बच्चे और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए हैं, जो एक शांतिपूर्ण जन आंदोलन की ताकत दर्शाता है।
धरने में शामिल वक्ताओं ने इसी तरह की मांग दोहराई और पाकिस्तान से कथित गैर-न्यायिक हत्याओं, राज्य हिंसा, घरों की घेराबंदी और नागरिकों के खिलाफ सभी प्रकार का दमन समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग मौलिक मानवाधिकारों, स्वतंत्रता, न्याय और गरिमा के लिए अपना शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखेंगे। प्रतिभागियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देने और क्षेत्र में मानवाधिकारों की रक्षा में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की अपील भी की। ( इनपुट: ANI.)
Updated on:
12 Jul 2026 05:01 pm
Published on:
12 Jul 2026 05:01 pm
