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अगर आप बार-बार भी बोलते हैं ‘उम्ह’, ‘लाइक’, ‘राइट’ तो ऐसे छुड़ाए ये गंदी आदत

बातचीत के दौरान बार-बार ‘उम्ह’, ‘लाइक’, ‘राइट’, ‘एक्चुली’, ‘यू नो’, ’अह’ और ‘हैं ना’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी है।

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 know how to remove unwanted words form vocabulary

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न्यूयॉर्क. इंटरनेशनल डिबेट एजुकेशन काउंसिल ने आम बोलचाल के लिए एक गाइडलाइन जारी की है। इसमें बताया गया है कि अधिकांश बड़े पदों पर काम करने वाले लोग भी उसके समस्यां के शिकार हैं। काउंसिल ने बातचीत के दौरान बार-बार ‘उम्ह’, ‘लाइक’, ‘राइट’, ‘एक्चुली’, ‘यू नो’, ’अह’ और ‘हैं ना’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी है। भाषा विशेषज्ञों के अनुसार, इंटरव्यू के दौरान ऐसे शब्दों के प्रयोग से आपकी क्रेडिबिलिटी कम होती है। इसलिए हमें इनसे बचना चाहिए। यह प्रोफेशनल लाइफ में बाधा बन सकते हैं। इसलिए समय रहते बोलचाल की भाषा और शैली में सुधार आवश्यक है।

काउंसिल ने कदम इसलिए उठाया कि पिछले कुछ समय से प्रोफेशनल्स में ये आदत ज्यादा पाई जा रही है। एक उदाहरण का जिक्र करते हुए बताया गया है कि सिटी बैंक के एक सीनियर एग्जीक्यूटिव किसी एमएनसी में इंटरव्यू के लिए गए थे। जब वहां उन्होंने अपना इंट्रोडक्शन दिया तो उस दौरान उन्होंने कई बार ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया। इस पर इंटरव्यू ले रही एक युवती ने उन्हें इस बारें में अवगत कराते हुए कहा कि आपने अपने परिचय के दौरान पहले 30 सैकंड में 6 बार ‘लाइक’ 4 बार ‘एक्चुली’ 3 बार ’उम्ह’ का प्रयोग किया है। इसलिए आप योग्य उम्मीदवार नहीं है और उन्हें वापस भेज दिया।

रोज 20 फीसदी ऐसे शब्द लेते हैं प्रयोग में :

भाषा शैली पर शोधकर्ताओं का दावा है कि एक प्रोफेशनल अपने रोजमर्रा के काम में बातचीत के दौरान करीब २० फीसदी से ज्यादा ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। इसे एक सामान्य बात समझा जाता है। लेकिन यह बड़ी समस्या बनती जा रही है। कई लोग अपनी सुविधानुसार ही वाक्य में कहीं भी विराम ले लेते हैं।

कहां किस शब्द का होता है ज्यादा प्रयोग :

जहां ब्रिटिश लोग ‘उह’ का प्रयोग ज्यादा करते हैं तो हिब्रू बोलने वाले लोग ‘एहह’, तुर्की ‘एम्मम’, जापान में ‘इतो, इह-तो’ और ‘एनो, एह-नो’, स्पैनिश ‘एस्सस, एस्तो’ का इस्तेमाल किया जाता है। जबकि डच और जर्मन लोग ‘उह, उम्ह, उम्म’ और स्वीडिश लोग ‘एह्ह, अह्ह, अअ एवं ओह्ह’ का अधिक प्रयोग करते हैं।

ऐसे करें सुधार :

भाषा विशेषज्ञों के अनुसार अक्सर हम वाक्य बोलने से पहले ही आगे से आगे सोचने लगते हैं और पहले क्या बोलना है उसे भूल जाते हैं। इस कारण हड़बड़ाहट में ऐसे शब्द बोल जाते हैं, जोकि अनावश्यक है। इनसे बचने के लिए अपनी आवाज को रिकार्ड कर उसे सुने और अपनी गलतियों का पता लगाएं। आप अपने करीबी मित्र को भी बता सकते हैं कि वह आप को गलतियों के बारे में इंगित करे। साथ आप किसी नजदीकी पब्लिक स्पीकिंग कोच या विशेषज्ञ वक्ता की मदद ले सकते हैं। इससे सुधार करना आसान हो जाएगा। आप वीडियो बनाकर अपने हावभाव भी देख सकते हैं। साथ आवश्यकतानुसार उसमें बदलाव भी कर सकते हैं।