
नई दिल्ली।
फेसबुक ने बीते जुलाई में बच्चों के लिए विज्ञापन नियमों में बदलाव की घोषणा की थी। इसके बाद भी फेसबुक बच्चों के निजी डेटा को ट्रैक कर रहा है। फेसबुक ने हाल ही में अपनी कंपनी का नाम बदलकर मेटा कर लिया है। कंपनी इसके बाद से अपने विज्ञापन वितरण प्रणाली को बढ़ावा दे रही है।
दरअसल, गैर-लाभकारी फेयरप्ले, ग्लोबल एक्शन प्लान और रीसेट ऑस्ट्रेलिया की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक फर्क सिर्फ इतना है कि फेसबुक द्वारा बच्चों का लक्ष्य उच्च प्रशिक्षित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) डिलीवरी सिस्टम द्वारा अनुकूलित है। विज्ञापन के लिए फेसबुक की नीति शोधकर्ताओं ने तर्क दिया कि एआई का भविष्य कहे जाने वाली शक्ति को देखते हुए यह प्रणाली वास्तव में बच्चों के लिए बदतर हो सकती है।
फेसबुक ने गत 27 जुलाई को इन चिंताओं के बारे में 'युवा अधिवक्ताओं से सुना' होने का दावा करते हुए बच्चों के लिए अपने विज्ञापन नियमों में बदलाव की घोषणा की थी। फेसबुक की ओर से कहा गया है कि हम उनसे सहमत हैं, यही वजह है कि विज्ञापनदाता युवाओं तक कैसे पहुंच सकते हैं। इस बारे में हम अधिक एहतियाती रुख अपना रहे हैै। इस एहतियाती दृष्टिकोण का अर्थ है कि पहले से उपलब्ध लक्ष्यीकरण विकल्प, जैसे कि रुचियों पर आधारित या अन्य ऐप और वेबसाइटों पर उनकी गतिविधि अब विज्ञापनदाताओं के लिए उपलब्ध नहीं होंगे।
रिसर्च टीम के अनुसार, वे फेसबुक पर अपने दावों को सही करने के लिए रिकॉर्ड को देखने की अपील कर रहे हैं और अपने सभी प्लेटफार्मो पर बच्चों और किशोरों के लिए निगरानी विज्ञापन खत्म कर रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया, डेटा-संचालित विज्ञापन पारंपरिक विज्ञापन की तुलना में बच्चों के लिए अधिक भ्रामक हो सकते हैं और व्यावसायिक दबाव बढ़ा सकते हैं. इससे निराशा फैल सकती है और माता-पिता के बीच संघर्ष हो सकता है। अनुमान लगाया गया है कि जब कोई बच्चा 13 साल का हो जाता है, तब विज्ञापनदाताओं के पास उसके बारे में 70.2 लाख से ज्यादा डेटा प्वाइंट होते हैं और बच्चों के लिए निगरानी विज्ञापन उद्योग का मूल्य 1 अरब डॉलर से अधिक होता है।
विज्ञापन का बच्चों पर पड़ता है असर फेसबुक को बच्चों के लिए अपनी निगरानी विज्ञापन प्रथाओं के लिए कड़ी अंतरराष्ट्रीय आलोचना का सामना करना पड़ा है। इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में युवा अधिवक्ताओं ने रेखांकित किया था कि फेसबुक की लक्ष्यीकरण प्रक्रियाओं ने विज्ञापनदाताओं को शराब, जुआ और वजन घटाने में रुचि रखने वाले बच्चों को निशाने पर लेने की अनुमति दी थी।
फेसबुक की पूर्व कर्मचारी और व्हिसल ब्लोअर बनी फ्रांसिस हॉगेन ने अमरीकी कांग्रेस के सामने गवाही दी थी कि इंस्टाग्राम किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, तब फेसबुक के स्वामित्व वाले इंस्टाग्राम ने पिछले महीने कहा था कि वह जल्द ही किशोरों को हानिकारक सामग्री से बचाने के लिए दो नए टूल पेश करेगा।
रिसर्च टीम ने कहा, फेसबुक को किशोरों के लिए विज्ञापन में अपने हालिया नियम परिवर्तनों के प्रभावों के बारे में अधिक पारदर्शिता लानी चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या यह बच्चों के लिए एक सुधार है? ऐसा प्रतीत होता है कि युवाओं के व्यक्तिगत डेटा को अभी भी काटा जा रहा है, ताकि उन्हें सभी संबद्ध जोखिमों के साथ और भी अधिक वैयक्तिकृत विज्ञापन की एक स्ट्रीम में लाया जा सके।
Published on:
17 Nov 2021 06:26 pm
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