
Mohamed Muizzu
भारत (India) और मालदीव (Maldives) के बीच चल रहा विवाद अभी भी जारी है। भारत के पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के लक्षद्वीप (Lakshadweep) दौरे के दौरान लक्षद्वीप का प्रचार करने पर मालदीव के तीन मंत्रियों ने पीएम मोदी और भारतीयों के बारे में विवादित टिप्पणी की थी। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू (Mohamed Muizzu) ने भी इस मामले पर कुछ नहीं कहा था। इतना ही नहीं, चीन से वापस मालदीव आने के बाद मुइज्जू ने भारत पर निशाना साधते हुए बयान दिया था, "हम एक छोटा देश हो सकते हैं, लेकिन इससे आपको हमें धमकाने का लाइसेंस नहीं मिल जाता।"
यह बात भी किसी से छिपी नहीं है कि मुइज्जू लंबे समय से भारत विरोधी भी रहे हैं। ये सब करते हुए मालदीव ने भारत से पंगा ले लिया है। ऐसे में मदद की घड़ी में मालदीव को अब भारत की जगह एक दूसरे देश से उम्मीद लगानी पड़ रही है।
श्रीलंका से मदद मांगने के लिए मजबूर हुआ मालदीव
भारत से संबंधों के बिगड़ने की वजह से अब श्रीलंका (Sri Lanka) से मदद मांगने के लिए मजबूर जो गया है।
किस वजह से मांगनी पड़ रही है मदद?
दरअसल भारत और मालदीव के बीच लंबे समय से संबंध रहे हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में मालदीव से लोग इलाज कराने के लिए भारत आते रहे हैं। पर अब दोनों देशों के बीच संबंधों के बिगड़ने से मालदीव ने श्रीलंका से मदद मांगी है। मालदीव के परिवहन और नागरिक उड्डयन मंत्री मोहम्मद अमीन ने इसी सिलसिले में मंगलवार को अपने श्रीलंकाई समकक्ष निमल सिरिपाला डी सिल्वा से मुलाकात की है। इस मुलाकात में दोनों ने तय किया कि अगर मालदीव में किसी को आपात चिकित्सा की जरूरत पड़ती है तो उसे तुरंत एयरलिफ्ट कर इलाज के लिए श्रीलंका पहुंचाया जाएगा। इस काम के लिए मालदीव की ही एयर एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया जाएगा।
Published on:
01 Feb 2024 04:20 pm
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