
Mohamed Muizzu
भारत (India) और मालदीव (Maldives) के बीच विवाद किसी से भी नहीं छिपा। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू (Mohamed Muizzu) भी लंबे समय रहे हैं और "इंडिया आउट" अभियान चलाकर मुइज्जू भारतीय सेना को भी मालदीव से बाहर निकाल रहे हैं। पर कुछ महीने पहले जब भारत के पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) लक्षद्वीप (Lakshadweep) दौरे पर गए और लक्षद्वीप का प्रचार किया तो मालदीव के तीन मंत्रियों ने पीएम मोदी और भारतीयों के बारे में विवादित टिप्पणीकर कर दी थी। हालांकि बाद में तीनों मंत्रियों को निष्कासित करना पड़ा, पर फिर भी मुइज्जू ने इस मामले पर मंत्रियों की टिप्पणियों का विरोध नहीं किया। ऐसे में मालदीव की आबादी का एक बड़ा हिस्सा और देश की कई विपक्षी पार्टियाँ भी मुइज्जू के खिलाफ हो चुके हैं। पर हाल ही में कुछ ऐसा हुआ है जिससे मालदीव के राष्ट्रपति की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
लीक हुई खुफिया रिपोर्ट
हाल ही में मुइज्जू के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक खुफिया रिपोर्ट लीक हो गई है। इस रिपोर्ट में फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट की तरफ से तैयार मालदीव मोनेटरी अथॉरिटी और मालदीव पुलिस सर्विस से जुड़े कुछ डॉक्यूमेंट्स थे जिनसे मुइज्जू के किए भ्रष्टाचार का पता चलता है। लीक हुई इस रिपोर्ट में दिखाए डॉक्यूमेंट्स के अनुसार 2018 में मुइज्जू के पर्सनल बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने में अनियमितताओं का दावा किया गया है और लेनदेन को छिपाने के लिए राजनीतिक प्रभाव के इस्तेमाल की भी बात सामने आई है। साथ ही कॉर्पोरेट संस्थाओं के जरिए फंड की सचाई को छिपाने की जो कोशिश मुइज्जू की तरफ से की गई है, उसका भी इस रिपोर्ट में ज़िक्र है।
बढ़ सकती है मुश्किलें
इस खुफिया रिपोर्ट से मुइज्जू की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि अब विपक्षी पार्टियाँ इस मामले की जांच की मांग कर रही है जिससे यह सच साबित हो सके कि मुइज्जू ने भ्रष्टाचार किया है। हालांकि मुइज्जू ने भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज कर दिया है, पर विपक्ष उन्हें घेरने में लगा हुआ है। अगर मुइज्जू पर भ्रष्टाचार के आरोप साबित हो जाते हैं तो उनसे सत्ता तक छिनने की नौबत आ सकती है।
Updated on:
18 Apr 2024 03:39 pm
Published on:
18 Apr 2024 03:38 pm
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