
US journalist attacked in West Bank: अमेरिकी पत्रकार पर हमले से नाराज रुबियो, इजरायल से सख्त कार्रवाई की मांग फोटो-ANI)
US Journalist Attacked in West Bank: पश्चिमी तट पर अमेरिकी पत्रकार और फलस्तीनी नागरिकों पर हुए हमले ने इजरायल और अमेरिका के बीच कूटनीतिक दबाव बढ़ा दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने घटना पर नाराजगी जताते हुए इजरायल से हिंसा रोकने और हमलावरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन इस घटनाक्रम को लेकर चिंतित है और साफ कर चुका है कि वह क्षेत्र में तनाव बढ़ने के पक्ष में नहीं है।
अमेरिका ने इजरायल में यहूदी बस्तियों के निवासियों से जुड़े हमलों पर गंभीर चिंता जताई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन पश्चिमी तट पर हिंसा की तस्वीरों से बेहद परेशान है। उन्होंने इजरायल से ऐसे मामलों में सख्ती बरतने और दोषियों पर कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
समाचार एजेंसी अल जजीरा की 16 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को कब्जे वाले पश्चिमी तट के अबू फलाह के पास इजरायली बस्ती के निवासियों के हमले में अमेरिकी फोटो पत्रकार हेइडी लेविन समेत दो लोग घायल हो गए। लेविन अमेरिकी अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट के लिए फोटो पत्रकारिता करती हैं।
मैरीलैंड स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान रुबियो ने कहा कि उन्हें घटना पर अभी तक आधिकारिक जानकारी नहीं मिली थी। हालांकि, सामने आई तस्वीरें उन्हें चिंताजनक लगीं। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका इस मामले में इजरायल के सामने अपनी अपेक्षाएं स्पष्ट रूप से रखेगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
रुबियो के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन पश्चिमी तट पर टकराव या किसी बड़े संकट की स्थिति नहीं चाहता। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में ऐसी घटनाएं न तो अमेरिका के हित में हैं और न ही इजरायल के लिए फायदेमंद हैं।
हमले में घायल हुईं हेइडी लेविन ने बताया कि सुरक्षा उपकरण नहीं होते तो उनकी जान भी जा सकती थी। उनके अनुसार, हमलावर लगातार उन्हें लात मार रहे थे। उनका बयान इस घटना की गंभीरता और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में पत्रकारों के सामने मौजूद खतरों को उजागर करता है।
पत्रकारों के लिए हेलमेट और फ्लैक जैकेट जैसे सुरक्षा उपकरण गोली, छर्रों और कुछ अन्य खतरों से बचाव में मदद करते हैं, लेकिन वे हर तरह के हमले से सुरक्षा की गारंटी नहीं देते। शारीरिक हमलों से बचाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था और समय पर सहायता भी जरूरी होती है।
पश्चिमी तट लंबे समय से इजरायल-फलस्तीन संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां बस्तियों का विस्तार, जमीन पर अधिकार, आवाजाही की पाबंदियां और फलस्तीनी नागरिकों की सुरक्षा जैसे मुद्दे लगातार विवाद का कारण बनते रहे हैं। ऐसे माहौल में पत्रकारों पर हमले घटनाओं की स्वतंत्र रिपोर्टिंग को भी प्रभावित कर सकते हैं।
अमेरिका की ताजा प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि वॉशिंगटन इस मामले को केवल स्थानीय सुरक्षा घटना के रूप में नहीं देख रहा। हालांकि, इजरायल की ओर से इस विशेष घटना पर क्या कार्रवाई होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि अमेरिकी कूटनीतिक दबाव के बाद जांच, जवाबदेही और सुरक्षा के मोर्चे पर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
Updated on:
18 Oct 2026 06:15 am
Published on:
18 Oct 2026 06:15 am
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