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Marriage: 9 साल की उम्र में लड़कियों की शादी, मुस्लिम देश के कानून पर भड़के सेलेब्रिटी, मचा बवाल

Marriage: इस कानून के तहत लड़कियों की शादी अब 9 साल की उम्र में ही कर दी जाएगी। वो भी एक 15 साल के लड़के से। हालांकि इस बिल में लड़कों की उम्र की कोई सीमा नहीं दी गई है।

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Marriage: भारत में शादी की उम्र 18 साल है। हालांकि अब इसे 21 साल करने की मांग उठाई जा रही है। इससे संबंधित एक याचिका को बीते साल सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है। सिर्फ भारत (Marriage age in India) में ही नहीं बल्कि, दुनिया के दूसरे कई देशों में शादी की उम्र बढ़ाई जाने की मांगे उठाई जा रही है। उम्र के बंधन की सीमा सिर्फ लड़कियों के लिए ही नहीं बल्कि लड़कों के लिए भी है। लेकिन एक तरफ जहां दुनिया भर में शादी की उम्र में बढ़ोतरी को लेकर के मांग उठ रही है, तो वहीं एक मुस्लिम देश (Islamic country) ऐसा है, जिसने अपने देश की संसद में लड़कियों की शादी की उम्र को बढ़ाने की बजाय घटाने का बिल पेश किया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि लड़कियों की शादी की उम्र 18 से घटाकर 9 साल करने की पेशकश इस देश की संसद में हुई है। इस देश के फैसले को लेकर सिर्फ महिलाएं और महिलाओं के संगठन ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय संगठन से लेकर दुनिया के कई देश और बड़ी-बड़ी हस्तियां भी विरोध जाता रही हैं। यह देश कौन है और इसने यह फैसला क्यों लिया है यह हम आपको बता रहे हैं।

क्यों लिया जा रहा है यह फैसला?

लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल से घटकर 9 साल करने वाला यह देश इराक (Iraq) है। जी हां, इराक की संसद में एक नया बिल पेश किया गया है इस नए बिल के तहत लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल से घटकर मात्र 9 साल की जा रही है। हालांकि यह विधेयक अभी पास नहीं हुआ है लेकिन इसके पेश करने से ही पूरे देश और दुनिया में बवाल बच गया है। इस बिल के मुताबिक (Marriage in Iraq) लड़कियों की शादी 9 साल की उम्र में ही 15 साल के लड़के से की जा सकती है। इराक में लड़कियों की शादी की उम्र के बंधन को लेकर मचे इस बवाल के पीछे इराक की कट्टर राजनीतिक पार्टियां है। क्योंकि इराक की शिया इस्लामिस्ट पार्टी इराक के पर्सनल लॉ में संशोधन करने में जुटी हुई हैं। ये संशोधन इराक के 1959 के व्यक्तिगत स्थिति कानून (कानून संख्या 188) में किया जा रहा है। जिससे महिलाओं की आजादी पर लगाम लगाई जा सके और वह पूरे देश में पूरी तरह से अपने शरिया कानून को लागू कर सकें।

क्या था पहले कानून में?

दरअसल ये इस्लामी पार्टी इराक के जिस कानून में संशोधन करने की पेशकश कर रही है, उसमे मुताबिक इराक में लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल तय की गई थी वहीं पुरुषों को भी एक पत्नी होने के बाद दूसरी शादी का अधिकार नहीं है।

अब क्या होगा नए कानून में?

इराक की संसद में पेश इस बिल की पैरवी रूढ़िवादी शिया इस्लामवादी पार्टियों के गठबंधन ने की है। इन्हें इराक का सबसे बड़ा सियासी दल माना जाता है। इसलिए इस दल के दिए गए फैसले का प्रभाव पूरे देश पर पड़ता है क्योंकि यही कानून बन जाता है। इस बिल में तय किए गए प्रावधानों के मुताबिक...

1- शादीशुदा जोड़े को सुन्नी या शिया संप्रदाय के बीच चुनना होगा।

2- शादी कोर्ट के अलावा शिया और सुन्नी समुदाय के आधिकारिक कार्यालय में भी हो सकती है।

3- नए कानून में विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने के नियम हैं।

4- लड़कियों की शादी 9 साल की उम्र में होगी और 15 साल के लड़के के साथ होगी।

अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से लेकर भड़के सेलिब्रिटी

इराक की संसद में पेश इस बिल को लेकर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से लेकर भारत के भी बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज ने नाराजगी जताई है। इस मुद्दे पर इराक के महिला संगठन और मानवाधिकार आयोग समेत अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने नाराजगी जताई है और इराक से इस फैसले पर विचार करने को कहा है। दूसरी तरफ कई सेलिब्रिटीज ने भी इस पर चिंता जताई है। दंगल फिल्म एक्ट्रेस फातिमा सना शेख ने भी इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी जाहिर है। उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट पर एक खबर का लिंक शेयर करते हुए लिखा कि यह क्या हो रहा है यह बहुत भयानक है थोड़ी समझदारी रखें।