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बांग्लादेश में हिंदू कारोबारी की मॉब लिंचिंग, पत्थरों से पीट-पीटकर मारा, शरीर पर कूदकर नाचने लगी हिंसक भीड़

बांग्लादेश में हिंदू कारोबारी की मॉब लिंचिंग हुई है। हिंसक भीड़ ने कारोबारी लाल चंद सोहाग को पत्थरों से पीट-पीटकर मार दिया। इसके बाद हैवानियत पर उतर आए। पढ़ें पूरी स्टोरी

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बांग्लादेश में हिंदू युवक की हुई हत्या

Mob Lynching in Bangladesh: बांग्लादेश में हिंदुओं (Hindu Moblynching) का उत्पीड़न बढ़ता जा रहा है। राजधानी ढाका (Dhaka) में हिंदू कारोबारी की मॉब लिंचिंग की घटना सामने आई है। यहां एक हिंदू कबाड़ व्यापारी (hindu mob lynching in dhaka) की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। हमलावरों ने 9 जुलाई को मिटफोर्ट अस्पताल के पास कारोबारी लाल चंद सोहाग (39) को पहले ईंटों और पत्थरों से मारा। फिर शरीर को बुरी तरह कुचल दिया। हिंसक भीड़ का जब इतने से मन नहीं भरा तो वह लाश पर चढ़कर कूदने और नाचने लगी।

5 आरोपी गिरफ्तार, आज सुनवाई

मीडिया रिपोर्ट में हिंसा और हत्या की वजह जबरन वसूली और कारोबारी विवाद को बताया जा रहा है। इधर, घटना के बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। हत्या की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी के गठन की मांग को लेकर वकील यूनुस अली अकंद ने रविवार को हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की है। इस मामले में 19 आरोपियों को नामजद किया गया है। साथ ही, 20 अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज की गई है। बांग्लादेश की पुलिस ने कहा कि हत्याकांड में शामिल 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की सुनवाई आज होगी।

BNP पर लगाया आरोप

छात्र नेता सैकत आरिफ ने कहा कि हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेता पार्टी पर नियंत्रण हासिल करने के लिए आपस में लड़ रहे हैं। इसके कारण हत्याएं हो रही हैं। BNP को लगता है कि निष्कासन ही काफी है, लेकिन हम मांग करते हैं कि दोषियों पर मुकदमा चलाया जाए।

कुछ महीने पहले हिंदू नेता की हत्या

बता दें कि इससे पहले 19 अप्रैल को अज्ञात लोगों ने हिंदू नेता भाबेश चंद्र रॉय (58) को उनके घर से किडनैप कर लिया और फिर पीट-पीटकर मार डाला। रॉय बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद की बीराल इकाई के उपाध्यक्ष थे। उनकी हिंदू समुदाय में पकड़ थी। रॉय बांग्लादेश की राजधानी ढाका से 330 किलोमीटर दूर दिनाजपुर के बसुदेवपुर के रहने वाले थे। बताया जाता है कि भाबेश की हत्या करने के बाद हमलावरों ने उनकी लाश को उनके घर भिजवा दिया था।