
Mojtaba Khamenei
अमेरिका (United States Of America) और इज़रायल (Israel) और ईरान (Iran) के बीच चल रहा युद्ध अभी भी जारी है। आज इस युद्ध का 20वां दिन है। इस युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट (Middle East) में तबाही मच चुकी है। ईरान को इस युद्ध की वजह से काफी नुकसान हुआ है। अमेरिकी-इज़रायली हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई (Ali Khamenei) समेत ईरान के कई बड़े नेता, सैन्य कमांडर समेत 2,000 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं। मंगलवार को ईरान के प्रमुख सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी (Ali Larijani) की हत्या हो गई। वह ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव थे और राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के प्रमुख समन्वयक माने जाते थे। लारीजानी की मौत पर ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) की प्रतिक्रिया सामने आ गई है।
लारीजानी की हत्या से मोजतबा काफी गुस्से में हैं। उन्होंने अमेरिका और इज़रायल को धमकी देते हुए कहा, "हम लारीजानी की हत्या का बदला लेंगे। अमेरिका और इज़रायल को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। लारीजानी के खून की हर बूंद का बदला लिया जाएगा।" गौर करने वाली बात है कि ईरान ने इज़रायल और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सहयोगी देशों पर हमले बढ़ाकर लारीजानी की हत्या का बदला लेना शुरू कर दिया है।
मोजतबा ने अपने बयान में आगे कहा, "इस तरह के आतंकी हमले दुश्मनों की मानसिकता और दुश्मनी को ही दर्शाते हैं। दुश्मनों की इस तरह की हरकतों से ईरान और मज़बूत होगा। ईरान कमजोर नहीं पड़ेगा। लारीजानी की हत्या के आरोपियों को सज़ा मिलेगी और लारीजानी और उनके साथ मारे गए अन्य लोगों को ज़रूर न्याय मिलेगा।"
इज़रायली हमले में सिर्फ लारीजानी की ही हत्या नहीं हुई, बल्कि इस हमले में बेटे मोर्तजा लारीजानी (Morteza Larijani), उनके डिप्टी अलीरेजा बायात (Alireza Bayat ) और कई बॉडीगार्ड्स भी मारे गए। बताया जा रहा है कि ईरान की राजधानी तेहरान के उत्तर-पूर्व में स्थित परदिस इलाके में लारजनी अपनी बेटी के घर पर मौजूद थे। उसी समय इज़रायल ने एयरस्ट्राइक करते हुए भीषण कर दिया, जिससे लारजनी समेत अन्य लोगों की मौत हो गई। लारीजानी का शव ईरान के शहीद स्मारक में रखा गया है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने इज़रायली हमले में लारीजानी की हत्या से ईरान पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में एक बड़ी बात कह दी है। अराघची ने कहा कि लारीजानी की हत्या से ईरान डगमगाएगा नहीं और देश की राजनीतिक व्यवस्था अस्थिर नहीं होगी। अराघची ने आगे कहा, "ईरान की सरकार किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है। ईरान की राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक संस्थाएं बहुत मजबूत हैं। किसी एक व्यक्ति की मौजूदगी या अनुपस्थिति से देश की राजनीतिक की राजनीतिक संरचना पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ईरान का राजनीतिक तंत्र इतना ठोस है कि व्यक्तिगत नुकसान से पूरा सिस्टम नहीं हिलेगा।"
Updated on:
19 Mar 2026 10:44 am
Published on:
19 Mar 2026 10:19 am
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