पृथ्वी की धुरी 23.5 डिग्री झुकी हुई है, जिसके कारण उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में पूरे वर्ष अलग-अलग मात्रा में सूर्य का प्रकाश मिलता है। इस झुकाव के कारण मौसम में बदलाव होता है। विषुव (मार्च और सितंबर) के दौरान, पृथ्वी की धुरी अपनी कक्षा के लंबवत होती है और टर्मिनेटर सीधा होता है यानी दोनों गोलार्धों को समान मात्रा में सूर्य का प्रकाश मिलता है, हल्के तापमान और मध्यम मौसम की स्थिति होती है। संक्रांति (जून और दिसंबर) तब होती है जब पृथ्वी का झुकाव सबसे अधिक होता है और टर्मिनेटर घुमावदार होता है। यानी एक गोलार्ध को दूसरे की तुलना में अधिक दिन का प्रकाश मिलता है जिससे वर्ष के सबसे लंबे और सबसे छोटे दिन होते हैं।