4 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Iran-Israel War: क्या अब ईरान के खिलाफ नाटो भी उतारेगी अपनी सेना? अगले सप्ताह ट्रंप से मुलाकात करने जा रहे हैं नाटो चीफ मार्क रुट्टे

Iran-Israel War: नाटो प्रमुख मार्क रुट्टे अगले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने वाले हैं। दुनिया भर की इस मीटिंग पर निगाह रहेगी। पढ़ें पूरी खबर...

2 min read
Google source verification
NATO Chief Mark Rutte and President Donald Trump

नाटो चीफ मार्क रूटे और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फोटो-IANS)

NATO Chief meet with Trump:ईरान-इजरायल जंग के बीच नई जानकारी सामने आयी है। नाटो के सैन्य प्रमुख मार्क रुट्टे 8 से 12 अप्रैल तक वाशिंगटन की यात्रा पर रहेंगे। वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। इसके बाद चर्चा शुरू हो गई है कि क्या ईरान के खिलाफ जंग में अब नाटो की सेना भी उतरने जा रही है। हालांकि, नाटो में शामिल देश जैसे कि फ्रांस, ब्रिटेन ने सेना भेजने से पूरी तरह से इनकार कर दिया है।

8 अप्रैल को अमेरिकी विदेश मंत्री से रुट्टे की मुलाकात

नाटो के प्रवक्ता ने बताया कि 8 अप्रैल को रुट्टे, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ बातचीत करेंगे। इस यात्रा में 9 अप्रैल को एक सार्वजनिक कार्यक्रम भी शामिल है, जिसमें रुट्टे द्वारा रोनाल्ड रीगन प्रेसिडेंशियल फाउंडेशन एंड इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित एक चर्चा में भाषण देने और भाग लेने की उम्मीद है।

NATO के खिलाफ ट्रंप के तेवर कड़े

यह यात्रा ट्रांस अटलांटिक गठबंधन (NATO) के लिए एक महत्वपूर्ण समय पर हो रही है, क्योंकि ईरान से जुड़े संघर्ष के बीच ट्रंप की हालिया आलोचना के बाद तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूरोपीय सहयोगियों के प्रति कड़ी असंतोष व्यक्त करते हुए नाटो पर अमेरिकी रणनीतिक उद्देश्यों का समर्थन करने के लिए पर्याप्त कदम न उठाने का आरोप लगाया है।

ट्रंप ने तो यहां तक संकेत दिया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका 77 साल पुराने गठबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर पुनर्विचार कर सकता है, जिससे नाटो के भविष्य को लेकर सदस्य देशों में चिंताएं बढ़ गई हैं। उन्होंने यूरोप में सैन्य ठिकानों तक अमेरिकी सैन्य पहुंच को प्रतिबंधित करने और होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मार्गों की सुरक्षा में नेतृत्व करने में रुचि नहीं दिखाने के लिए सहयोगी देशों की आलोचना की है।

दुनिया भर की रहेंगी नजरें

नाटो अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 8 अप्रैल को रुट्टे और ट्रंप के बीच होने वाली आगामी बैठक पर बारीकी से नजर रखी जाएगी, क्योंकि यह भू-राजनीतिक अनिश्चितता के दौर में गठबंधन की दिशा तय कर सकती है। ट्रंप के सत्ता में लौटने के बाद से कई संकटों के दौरान अमेरिकी नेता के साथ रचनात्मक संबंध बनाए रखने की उनकी क्षमता के कारण, नीदरलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री रुट्टे को पर्यवेक्षकों द्वारा ट्रंप का सलाहकार बताया गया है।

उन्होंने लगातार तर्क दिया है कि ट्रंप के दबाव ने यूरोपीय देशों को रक्षा खर्च बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है, जिससे अंततः नाटो की क्षमताएं मजबूत हुई हैं। वाशिंगटन में होने वाली चर्चाओं में तेजी से अस्थिर होते वैश्विक वातावरण में गठबंधन की एकता, रक्षा प्रतिबद्धताओं और रणनीतिक समन्वय पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है।