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Pakistan: चाचा की सरकार में अब भतीजों का सरेंडर, भ्रष्टाचार के हैं संगीन आरोप

पाकिस्तान (Paksitan) के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ के दोनों बेटे भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर आत्मसमर्पण करेंगे। नवाज़ शरीफ इन दोनों बेटों का नाम हसन नवाज़ और हुसैन नवाज़ है।

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Shahbaz Sharif And Nawaz Sharif

Shahbaz Sharif And Nawaz Sharif

पाकिस्तान में हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ के छोटे भाई शाहबाज़ शरीफ (Shahbaz Sharif) ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है। अब उनकी ही सरकार में उनके भाई के बेटे भ्रष्टाचार के मामले में समर्पण करने जा रहे हैं। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) के दोनों बेटों ने पनामा पेपर्स से संबंधित तीन भ्रष्टाचार के मामलों में उनके गिरफ्तारी वारंट को निलंबित करने की मांग की है और जवाबदेही अदालत (Accountability Court) का दरवाजा खटखटाया है, ताकि वो 12 मार्च को आत्मसमर्पण कर सकें।

3 मामलों में हैं आरोपी

नवाज़ शरीफ के इन दोनों बेटों का नाम हुसैन नवाज और हसन नवाज है। इन्होंने अपने वकील काजी मिस्बाहुल हसन के जरिए इस्लामाबाद की जवाबदेही अदालत में एक प्रार्थना पत्र दायर किया है। जिसमें एवेनफील्ड अपार्टमेंट, अल-अजीजिया और फ्लैगशिप इन्वेस्टमेंट मामलों में जारी किए गए उनके स्थायी गिरफ्तारी वारंट को निलंबित करने की मांग की गई है। इसके साथ ही उन्होंने खुद के सरेंडर की भी बात कही है।

नवाज और मरियम भी हैं आरोपी

जवाबदेही जज नासिर जावेद राणा ने हुसैन और हसन नवाज के इस आवेदनों पर सुनवाई की है। उनके वकील ने जज को बताया कि ये दोनों सऊदी अरब और ब्रिटेन के निवासी हैं, और उन्हें PML-N सुप्रीमो नवाज शरीफ (Nawaz Sharif), बेटी मरियम नवाज (Mariyam Nawaz) और रिटायर्ड कैप्टन सफदर के साथ इन मामलों में आरोपी बनाया गया है।

12 मार्च को करेंगे सरेंडर

डॉन (Dawn) की रिपोर्ट के मुताबिक वकील का कहना है कि ये मुकदमा तब शुरू हुआ जब वो दोनों पाकिस्तान में नहीं थे। वकील काजी मिस्बाह ने कहा कि वो औपचारिक कानूनी प्रक्रिया से अनजान थे और राज्य ने कभी भी कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उचित कदम उठाने की कोशिश नहीं की। जिसमें नोटिस, गिरफ्तारी वारंट शामिल नहीं था।

इसके आगे उन्होंने कहा कि हुसैन और हसन ने अब अदालत के समक्ष सरेंडर करने का फैसला कर लिया है। ये दोनों 12 मार्च को इस्लामाबाद पहुंचेंगे। इससे पहले दोनों ने अदालत से उनके गिरफ्तारी वारंट को निलंबित करने की अपील की है ताकि वो सरेंडर करने के लिए कोर्ट में पहुंच सके।

पिछले चुनाव से पहले ही नवाज और मरियम पर लगे थे आरोप

गौरतलब है कि नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम नवाज दोनों को पिछले आम चुनाव से कुछ दिन पहले ही एवेनफील्ड मामले में दोषी ठहराया गया था। दिसंबर 2018 में अल-अजीज़िया संदर्भ में उन्हें आरोपी साबित किया गया था, लेकिन लेकिन फ्लैगशिप निवेश के मामले में उन्हें बरी कर दिया था।

हालांकि नवाज, मरियम और उनके पति रिटायर्ड कैप्टन सफदर ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट के समक्ष एवेनफील्ड मामले में अपनी सजा को चुनौती दी थी। इसके अलावा नवाज़ ने अल-अजीज़िया मामले में भी आरोपों को लेकर चुनौती दी थी, लेकिन जब शरीफ़ विदेश चले गए और वापस नहीं लौटे तो इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें अपराधी घोषित कर दिया था।

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