
मेड्रिड रेलवे स्टेशन पर यात्री। (फोटो: द वॉशिंगटन पोस्ट)
High-Speed: स्पेन के रेल इतिहास में आज का दिन एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। दो हाई-स्पीड ट्रेनों (spain train crash) के बीच हुई आमने-सामने की भीषण टक्कर (spain train accident) से पूरा यूरोप हिल गया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 39 हो गई है। घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है और मलबे की स्थिति को देखते हुए हताहतों का आंकड़ा और भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
यह दुर्घटना उस समय हुई, जब दो आधुनिक हाई-स्पीड ट्रेनें एक ही ट्रैक पर विपरीत दिशा से आ गईं। टक्कर इतनी प्रचंड थी कि ट्रेनों के अगले हिस्से पूरी तरह पिचक गए और कई डिब्बे एक-दूसरे के ऊपर चढ़ कर पटरी से दूर जा गिरे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज दूर तक सुनाई दी। हादसे के बाद चारों ओर मलबे और टूटे हुए कांच का अंबार लग गए, जिसमें यात्री बुरी तरह फंस गए।
स्पेनिश आपातकालीन सेवाओं ने घटनास्थल को पूरी तरह सील कर दिया है। भारी मशीनों और हाइड्रोलिक कटर की मदद से डिब्बे काट कर लोगों को निकाला जा रहा है। अब तक 100 से अधिक घायलों को कई अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत नाजुक है। रात के समय भी बचाव कार्य जारी रखने के लिए बड़े-बड़े फ्लड लाइट्स लगाए गए हैं। प्रशासन ने पीड़ितों के परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और पास के एक केंद्र में काउंसलिंग की सुविधा भी शुरू की है।
स्पेन का हाई-स्पीड रेल नेटवर्क 'AVE' दुनिया के सबसे आधुनिक और सुरक्षित प्रणालियों में से एक माना जाता है। ऐसे में 'सिग्नलिंग फेलियर' या 'ऑटोमैटिक ब्रेक' का काम न करना बड़े सवाल खड़े कर रहा है। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि शायद कम्युनिकेशन सिस्टम में आई खराबी के कारण दोनों ड्राइवरों को एक ही ट्रैक पर होने का आभास नहीं हुआ। ब्लैक बॉक्स की बरामदगी के बाद ही असली वजह सामने आ पाएगी।
स्पेन के राजा और प्रधानमंत्री ने देश में तीन दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। वैश्विक स्तर पर, भारत सहित कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने इस त्रासदी पर संवेदना व्यक्त की है। सोशल मीडिया पर #SpainTrainAccident ट्रेंड कर रहा है, जहाँ लोग रेल सुरक्षा मानकों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शनों की भी खबरें आ रही हैं।
इस हादसे ने 'हाई-स्पीड रेल का भविष्य और सुरक्षा' पर नई बहस छेड़ दी है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि जब हम 300 किमी/घंटा से अधिक की रफ्तार वाली ट्रेनों की बात करते हैं, तो सुरक्षा प्रणालियों में 0.1% की भी गलती बर्दाश्त नहीं की जा सकती। यह हादसा उन देशों के लिए एक केस स्टडी बनेगा जो अपने यहाँ बुलेट ट्रेन और हाई-स्पीड नेटवर्क बिछा रहे हैं।
Published on:
19 Jan 2026 03:55 pm
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