
AI will tell you how long you sleep at night
अब AI यानी कृत्रिम बौद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) की तकनीक आपकी नींद का हिसाब-किताब भी रखेगी। आम तौर पर किसी के चेहरे और आंखों को देखकर अनुमान लगाया जाता है कि वह रात को ठीक से सोया (Sleep) या नहीं। अमरीका (USA) में वर्जीनिया की जॉर्ज मेसन यूनिवर्सिटी के (George Mason University of America) विशेषज्ञों ने शोध में दावा किया है कि आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस किसी की चाल-ढाल देखकर बता सकता है कि वह रात को कितने घंटे सोया। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक स्लीप साइंस जर्नल में प्रकाशित शोध में बताया गया कि अगर चलते वक्त व्यक्ति के कूल्हे ज्यादा हिल रहे हैं, शरीर ज्यादा झुका हुआ लग रहा है या जमीन पर कदम एक समान नहीं पड़ रहे हैं तो समझ लें कि उसकी पर्याप्त नींद नहीं हो पाई है।
शोध के दौरान कम सोने (Sleep) वाले लोगों की चाल में सामान्य लोगों के मुकाबले काफी बदलाव देखे गए। ऐसे लोगों के कदम काफी थके हुए उठ रहे थे। शोधकर्ताओं के मुताबिक जो लोग कम सोते हैं, वे सुबह उठने के बाद अलसाए रहते हैं। उन्हें खूब उबासी आती है। स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहता है। दिनभर थकान रहती है और किसी भी काम पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है।
शोध में 24 साल के करीब 123 लोगों को शामिल किया गया। इनके शरीर में मोशन सेंसर लगाया गया। सेंसर का डेटा एआइ लर्निंग एल्गोरिदम को भेजा गया, जिसे करीब 100 अलग-अलग चालों के बारे में शिक्षित किया गया था। शोधकर्ताओं के मुताबिक वयस्कों के लिए रात को छह से आठ घंटे की निर्बाध नींद जरूरी है। इसमें कमी संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि मस्तिष्क को बेहतर तरीके से काम करने में मदद के लिए रात की अच्छी नींद की अहम भूमिका है। पर्याप्त नींद प्रतिरक्षा बढ़ाकर रोगों का जोखिम कम करने और चिंता-तनाव जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से बचाती है। अमरीका की एकेडमी ऑफ स्लीप मेडिसिन के मुताबिक अमरीका में तीन में से एक वयस्क को पर्याप्त नींद नहीं मिल रही है।
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Published on:
20 Apr 2024 09:01 am

