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ऑपरेशन सिंदूर से उतरा पाकिस्तान का मुखौटा, आतंकियों के जनाजे में शामिल हुई सेना, देखें वीडियो

Operation Sindoor: लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वार्टर मुरीदके में आतंकियों के जनाजे में पाकिस्तान की सेना शामिल हुई। इस जनाजे में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर अब्दुल रऊफ भी था।

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May 07, 2025
आतंकियों के जनाजे में शामिल हुई पाक सेना

Operation Sindoor: भारत ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला भी ले लिया है। इस कार्रवाई को ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया है। वहीं भारत के खिलाफ आतंकियों का इस्तेमाल कर रहा पाकिस्तान का बुधवार को एक बार फिर दुनिया के सामने मुखौटा उतर गया है। पाकिस्तान का आतंकियों से प्रेम फिर उजागर हो गया है। दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों के जनाजे में पाकिस्तान की सेना शामिल हुई।

आतंकियों के जनाजे में शामिल हुई पाक सेना

लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वार्टर मुरीदके में आतंकियों के जनाजे में पाकिस्तान की सेना शामिल हुई। इस जनाजे में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर अब्दुल रऊफ भी था। इस दौरान पाक सेना के अधिकारी आतंकियों की मौत के मातम में सिर झुकाए नजर आए। 

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

आतंकियों के जनाजे में पाकिस्तानी सेना का शामिल होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं और पाकिस्तान को घेर रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा कि आतंकवादियों की पीठ पर पाकिस्तान की फ़ौज का हाथ है इसका इससे बड़ा सबूत और क्या हो सकता है.! सिखाइए सबक इन सबको। देश आपके साथ है।

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने शेयर किया वीडियो

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है। पोस्ट करते हुए कांग्रेस नेता ने लिखा कि पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देता है, उनकी मदद करता है, उन्हें ट्रेन करता है, उन्हें असलहे बारूद सब देता है। देखिए कैसे पाकिस्तान की सेना मसूद अज़हर के आतंकियों के जनाज़े में शामिल हो रही है। किसको चाहिए पाकिस्तान की आतंकी हरकतों का सबूत?

हनुमान जी के आदर्श का पालन किया-रक्षा मंत्री

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के सफल आयोजन पर कहा कि सेना को संपूर्ण सम्बल प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी साधुवाद देता हूं। हमने हनुमान जी के उस आदर्श का पालन किया है, जो उन्होंने अशोक वाटिका उजाड़ते समय किया था‘‘जिन मोहि मारा, तिन मोहि मारे’’अर्थात केवल उन्हीं को मारा जिन्होंने हमारे मासूमों को मारा।

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