
बीते महीने की 7 अक्टूबर से मिडिल ईस्ट में इजराइल और हमास के बीच जंग जारी है। जिसमें हजारों बेगुनाहों की जान जा चुकी है। इसमें बड़ी संख्या में वैसी महिलाओं की जान गयी है, जो हाल में ही मां बनी थी। ऐसी विभीषिका के बीच मैगन डेविड एडोम नेशनल ह्यूमन मिल्क बैंक ने घोषणा की है कि 7 अक्टूबर को इज़रायल-हमास युद्ध की शुरुआत के बाद से, उसने समय से पहले जन्म लेने वाले शिशुओं और उन बच्चों को 600 लीटर से अधिक स्तन का दूध उपलब्ध कराया है जिनकी माताएं या तो इस जंग में मारी गयी, या हमास के आतंकियों द्वारा अपहरण कर ली गई हैं या हमले में घायल हो गई हैं, या जिन्हें देश की सेवा के लिए ड्यूटी पर बुला लिया गया।
मिल्क बैंक के निदेशक ने क्या बताया
आगे मिल्क बैंक की निदेशक डॉ. शेरोन ब्रैन्सबर्ग-ज़ाबरी ने बताया कि इस काम में महिलाएं आगे बढ़ कर हिस्सा ले रही हैं। आंकड़ों का हवाला देते हुए शेरोन ने कहा, लगभग 900 महिलाओं ने, जिन्होंने पहले मिल्क बैंक को दान नहीं दिया था, इस नेक काम के लिए आवेदन किया है और बहुत ही जल्द वो दान करना शुरू कर देंगी। अगर आने वाले दिनों में जंग के आसार ऐसे ही रहे तो आगामी कुछ हफ्तों की जरूरतों को पूरा करने के लिए 1,000 लीटर और दूध को इकट्ठा करना होगा।
24 घंटे काम कर रहे- शेरोन
आगे इस संस्था के निदेशक ने बताया कि समय से पहले जन्मे बच्चों को सबसे शुद्ध दूध उपलब्ध कराने के लिए हमारी संस्था चौबीसों घंटे काम कर रही है। उन्होंने बताया, बच्चों के दिए जा रहे दूध ना सिर्फ उच्चतम पर्यवेक्षण स्तर पर खरे उतरते हैं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य के लिए सभी जरूरी परीक्षणों और प्रक्रियाओं को भी पूरा करते हैं।
ह्यूमन मिल्क बैंक क्या होता है?
यह एक प्रकार की गैर लाभकारी संस्था है, जो नवजात बच्चों को मां का दूध मुहैया कराती है। इस मिल्क बैंक में पाश्चराइजेशन यूनिट, रेफ्रिजरेटर, डीप फ्रीज और आरो प्लांट जैसी तकनीक का उपयोग करके ब्रेस्ट मिल्क को 6 महीने तक सुरक्षित स्टोर करके रखा जाता है।
उद्देश्य क्या है?
इस संस्था का प्रथम उद्देश्य शिशु मृत्यु दर की संख्या में और माता मृत्यु दर में कमी लाना है। ह्यूमन मिल्क बैंक में दो तरह की महिलाएं दूध दान करती हैं। एक अपनी इच्छा से और दूसरी जो अपने संतान को दूध नहीं पिला सकतीं।
Published on:
01 Nov 2023 07:40 pm
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