
Muhammad Yaqoob with Khawaja Asif (Photo - IANS)
पाकिस्तान (Pakistan) और अफगानिस्तान (Afghanistan) के बीच तनाव की स्थिति अभी भी बरकरार है। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच तुर्की (Turkey) के शहर इस्तांबुल (Istanbul) में पिछले कुछ समय से शांति वार्ता चल रही थी। पहले दोनों पक्षों के बीच सीज़फायर पर सहमति बन गई थी, लेकिन पाकिस्तान ने इसका उल्लंघन कर दिया था। हालांकि तालिबान (Taliban) के लड़ाकों ने शांति वार्ता का मान रखते हुए कोई कार्रवाई नहीं की। दोनों पक्षों के बीच गुरुवार को तीसरे दौर की बातचीत शुरू हुई, जो 2 दिन चली।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तीसरे दौर की बातचीत में कोई समझौता नहीं हुआ। ऐसे में शांति वार्ता विफल हो गई।
पाकिस्तान की तरफ से शांति का आश्वासन नहीं दिया गया और न ही इस्लामिक स्टेट के आतंकियों को ट्रेनिंग देने पर रोक लगाने का वादा किया गया। वहीं दूसरी तरह अफगानिस्तान की तरफ से भी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के खिलाफ एक्शन लेने का आश्वासन नहीं दिया गया। इसी वजह से दोनों देशों के बीच बात नहीं बनी।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बॉर्डर पर पिछले 4 साल में कई बार झड़पें हो चुकी हैं। पिछले 1 साल में दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया। इस साल पर ही गौर करें, तो अब तक बॉर्डर पर पाकिस्तानी सैनिकों और तालिबानी लड़ाकों के बीच कई बार जंग हो चुकी है, जिसमें दोनों पक्षों के नागरिकों समेत कई लोग मारे गए हैं। अब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शांति वार्ता के विफल होने पर एक बार फिर जंग छिड़ने की आशंका जताई जा रही है।
Updated on:
08 Nov 2025 11:42 am
Published on:
08 Nov 2025 11:42 am
