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पाकिस्तान आने को तैयार नहीं ईरान, शहबाज शरीफ ने पेजेश्कियान को लगाया फोन, क्या होगी वार्ता 2.0?

Pakistan PM Shahbaz Sharif: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच इस्लामाबाद में अमेरिका-पाकिस्तान की नई कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई है, लेकिन ईरान ने वार्ता से किया इनकार है।

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भारत

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Devika Chatraj

Apr 20, 2026

Pak Pak Shehbaz Sharif

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ। (फोटो- ANI)

IslamabaTalks 2.0: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अब इस्लामाबाद एक बार फिर कूटनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया है। पहले दौर की बातचीत असफल रहने के बाद अब दूसरे चरण की कोशिशें तेज हो गई हैं। व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल सोमवार को पाकिस्तान पहुंचेगा।

अमेरिका से कौन होगा शामिल?

इस प्रतिनिधिमंडल में अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल होंगे, जबकि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के दौरे को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव को खारिज करते हुए इस वार्ता में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया है।

शहबाज–पेजेश्कियान बातचीत बनी अहम कड़ी

इन घटनाक्रमों के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बातचीत की। पाकिस्तान पीएम कार्यालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की और शांति बहाली के प्रयासों की समीक्षा की। शहबाज शरीफ ने पेजेश्कियान को सऊदी अरब, कतर और तुर्किये के साथ हुई हालिया बातचीत की जानकारी भी दी। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य युद्ध प्रभावित क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना है।

ईरान ने क्यों ठुकराया प्रस्ताव?

ईरान ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह अमेरिका की अत्यधिक मांगों, बार-बार बदलते रुख और विरोधाभासी बयानों के कारण बातचीत में शामिल नहीं होगा। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और अपने बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी को भी युद्धविराम का उल्लंघन बताया है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या शहबाज शरीफ, ईरान को बातचीत की मेज पर वापस ला पाएंगे? और क्या इस्लामाबाद में होने वाली नई कोशिशें सफल होंगी?

पाकिस्तान पर टिकी नजरें

हालांकि पहले दौर की बातचीत सफल नहीं रही, फिर भी अमेरिका और ईरान दोनों ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की सराहना की थी। इसके बाद पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने तेहरान का दौरा भी किया था। ऐसे में इस बार भी पाकिस्तान की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी

इस बीच इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना के भारी विमान C-17 ग्लोबमास्टर III रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर उतरे हैं। एयरबेस से लेकर रेड जोन तक की सड़कों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। साथ ही, सेरेना होटल और मैरियट होटल जैसे बड़े होटलों को खाली कराया जा रहा है और नई बुकिंग पर रोक लगा दी गई है। गौरतलब है कि 11 अप्रैल को पहले दौर की बातचीत सेरेना होटल में ही हुई थी।

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