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पाकिस्तान में बाढ़ के बाद अब डेंगू का कहर, 24 घंटे में 7 की मौत, दवाइयों का भी पड़ा अकाल

पाकिस्तान में डेंगू अब महामारी का रूप ले रही है। यहाँ खैबर पख्तूनख्वा में 2,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। पंजाब, सिंध और बलूचिस्तान भी डेंगू से खतरनाक रूप से प्रभावित हैं। यही नहीं बुखार की दवाइयाँ की भी कमी हो गई है।

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Mahima Pandey

Sep 13, 2022

Pakistan: Karachi reports 7 deaths from dengue fever in last 24 hours, Facing shortage of fever medicines as well

Pakistan: Karachi reports 7 deaths from dengue fever in last 24 hours, Facing shortage of fever medicines as well

पाकिस्तान में बाढ़ के कहर के बीच डेंगू के मामलों में बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है। यहाँ हालात ये हैं कि पिछले 24 घंटों में यहाँ 7 मरीजों की मौत हो गई है। बुखार की दवाइयों की कमी की समस्या भी अब पाकिस्तान प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गया है। सिंध स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में कराची के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कम से कम सात लोगों की डेंगू बुखार के कारण मौत हो गई है।

बता दें कि डेंगू एक वेक्टर जनित वायरल बीमारी है। मच्छरों के पनपने से ये फैलता है यदि इसे पनपने से रोका जा सके तो इस बीमारी को महामारी बनने से रोका जा सकता है। पाकिस्तान की संघीय जलवायु परिवर्तन मंत्री सीनेटर शेरी रहमान ने इस संबंध में चेतावनी भी जारी की है। उन्होंने कहा है कि देश में बारिश के बाद डेंगू बुखार के मामलों में कम से कम 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

शेरी रहमान ने कहा, 'कराची में डेंगू का प्रकोप देखने को मिल रहा है, जबकि पूरे देश में 584,246 लोग राहत कैंप में हैं, स्वास्थ्य संकट सभी की चिंताएं बढ़ा सकता है।' वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू बुखार धीरे-धीरे महामारी में बदल रहा है, इसने देश के कई हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया है।


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जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के पंजाब, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में डेंगू ने खतरनाक रूप लेना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि खैबर पख्तूनख्वा में 2,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए, अत्यधिक बारिश के बाद मच्छरों के प्रजनन में भारी वृद्धि हुई है। इस बीच देश के अधिकांश क्षेत्रों में बुखार के दवा की कमी ने भी दस्तक दे दी है। पंजाब में फार्मेसियों को दवा की आपूर्ति फिर से शुरू होने का इंतजार है। पेशावर में बुखार की गोलियों के एक पत्ते की कीमत 17 रुपये से बढ़कर 30 रुपये हो गई है।