Big Decision On Islamabad International Airport: पाकिस्तान के इस्लामाबाद इंटरनेशल एयरपोर्ट के बारे में हाल ही में बड़ा फैसला लिया गया है। क्या है यह फैसला? आइए जानते हैं।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान की स्थिति में अभी सुधार नज़र नहीं आ रहा है। कंगाल हो चुका पाकिस्तान हर संभव कोशिश कर रहा है जिससे देश का खजाना भरा जा सके और देश की अर्थव्यवस्था को भी सुधारा जा सके। कुछ समय पहले तक पाकिस्तान पर दिवालिया होने का खतरा मंडरा रहा था। पर आईएमएफ (इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड - IMF) के साथ हुई बड़ी डील की वजह से पाकिस्तान को राहत मिली। दोनों के बीच 3 बिलियन डॉलर्स की डील हुई है, जिसकी भारतीय करेंसी में वैल्यू करीब 24 हज़ार करोड़ रूपये है। इससे पाकिस्तान न सिर्फ दिवालिया होने से बच गया, बल्कि उसे अपने देश की आर्थिक स्थिति को ट्रैक पर लाने का एक और मौका मिला। अब हाल ही में पाकिस्तान के खजाने को बढ़ाने के लिए एक और बड़ा फैसला लिया गया है।
इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा 15 साल के लिए आउटसोर्स
हाल ही में पाकिस्तान के एविएशन मंत्री ख्वाजा साद रफीक ने जानकारी देते हुए बताया कि इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को 15 साल के लिए आउटसोर्स किया जाएगा। एयरपोर्ट की परिचालन गतिविधियों में सुधार के लिए इसे प्राइवेट हाथों में सौंप दिया जाएगा। इसके लिए एयरपोर्ट की बोली लगेगी और जो कंपनी सबसे ऊंची बोली लगाएगी, 15 साल के लिए इस्लामाबाद इंटरनेशल एयरपोर्ट की परिचालन गतिविधियों को संभालने का ज़िम्मा उसे ही सौंप दिया जाएगा। इससे इस्लामाबाद इंटरनेशल एयरपोर्ट के लिए पैसा एयरपोर्ट प्रशासन नहीं, सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी देगी और एयरपोर्ट की आउटसोर्सिंग होगी। ऐसा 15 साल के लिए होगा।
यह भी पढ़ें- पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बताया कौन होगा देश का अगला पीएम, जानिए किसका लिया नाम
क्या है इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आउटसोर्स की वजह?
पाकिस्तान के एविएशन मंत्री रफीक ने बताया कि पाकिस्तान में इस समय आर्थिक तंगी की बड़ी समस्या है। ऐसे में इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन को बढ़ाने के लिए कुशल ऑपरेटरों की ज़रूरत है और इसी वजह से इसे आउटसोर्स किया जा रहा है। हालांकि रफीक ने यह भी साफ कर दिया कि एयरपोर्ट का प्राइवेटाइज़ेशन नहीं किया जा रहा है, बस संचालन बढ़ाने के लिए 15 साल के लिए इसे आउटसोर्स किया जा रहा है।
क्या नहीं होगा शामिल?
रफीक ने यह भी साफ कर दिया कि आउटसोर्सिंग की इस प्रोसेस में क्या शामिल नहीं होगा। इस प्रोसेस में एयरपोर्ट के रनवे और नेविगेशन संचालन को शामिल नहीं किया जाएगा।
यह भी पढ़ें- एआई के खतरों से निपटने के लिए भारत और अमरीका ने मिलाया हाथ, पीएम नरेंद्र मोदी ने भी अमरीका विज़िट के दौरान किया था ज़िक्र