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Uproar In PoK: पाकिस्तान में हजारों लोगों का प्रदर्शन, फायरिंग व नेताओं की गिरफ्तारी से भड़के प्रदर्शनकारी

Protests in PoK: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हजसेरों लोगों ने बड़े पैमाने पर विरोध रैलियां कीं, तो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की और विरोध-प्रदर्शनों की अगुवाई कर रहे कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।
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भारत

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MI Zahir

Jul 05, 2026

Protests In PoK News.

पाक अधिकृत कश्मीर में विरोध-प्रदर्शन करते हजारों प्रदर्शनकारी। ( फोटो: ANI)

Pakistan Uproar in PoK Protest Arrest Leaders: पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर में हजारों लोगों की बड़ी विरोध रैलियों के आयोजन से पाकिस्तान सरकार आक्रामक मूड में आ गई और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर न केवल फायरिंग की, बल्कि अगुवाई कर रहे कई नेताओं की गिरफ्तारी से प्रदर्शनकारी भड़क उठे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी कार्रवाई समिति की ओर से पाकिस्तानी अधिकारियों की बढ़ती दमनकारी कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शनों का आह्वान करने के बाद रविवार को पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर (PoK) में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए।

महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों हजारों लोग एकत्र हुए

जानकाररी के अनुसार अब्बासपुर के सरदार गुलाम हुसैन खान स्पोर्ट्स स्टेडियम में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग निवासियों सहित लगभग 40,000 लोग एकत्र हुए। पीओके के कई अन्य हिस्सों से भी इसी तरह की रैलियों और धरनों की खबरें आईं, और डेरा इस्माईल खान में एक विरोध स्थल पर बड़ी संख्या में समूह लगातार पहुंच रहे थे।

मीर सहित कई नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन

ये प्रदर्शन कोर कमेटी के सदस्य शौकत नवाज मीर सहित जेएएसी के कई वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी के बाद भड़के। समूह ने उनकी तत्काल रिहाई की मांग की। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के बावजूद, क्षेत्र के कई शहरों में हजारों लोग जमा हुए। जेएएसी ने कहा कि ये विरोध प्रदर्शन मौलिक अधिकारों की मांग और बढ़ते राजनीतिक दमन के विरोध में थे।

दमन पर न्यूजीलैंड सहित कई देशों में रैलियां निकाली गईं

पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर के समर्थन में ये प्रदर्शन विदेशों में भी फैल गए, जहां कश्मीरी प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने न्यूजीलैंड सहित कई देशों में रैलियां निकालीं। इन घटनाक्रमों से नागरिक अधिकार समूह के नेतृत्व में हफ्तों से चल रहे आंदोलन में तीव्र तेजी आई है, जिसने पाकिस्तानी प्रशासन पर शांतिपूर्ण विरोध को दबाने का आरोप लगाया है।

रावलकोट और चक की महिलाओं का भी प्रदर्शन

समिति ने कहा कि रावलकोट और चक की महिलाएं भी शांतिपूर्ण सड़क प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही हैं और इसे ऐसा आंदोलन बताया जो अब विभिन्न आयु समूहों और समुदायों तक फैला हुआ है। जेएएसी ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है।

सुरक्षा बलों ने नागरिकों की भीड़ पर गोलीबारी की

समिति ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने दुडियाल के एएमबी इलाके में नागरिकों की भीड़ पर गोलीबारी और गोलाबारी की, जिससे कई प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। इसमें अधिकारियों पर शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी के बाद सैकड़ों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने का भी आरोप लगाया गया। X पर एक पोस्ट में, JAAC ने लिखा, "गुलाम उनके नियंत्रण में है। शाह कैद में है…", और लोगों से #ReleaseShoukatNawazMir हैशटैग के तहत अभियान में शामिल होने का आग्रह किया।

स्थानीय चुनावों के बहिष्कार के बीच हुए प्रदर्शन

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ये ताजा प्रदर्शन बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों, निगरानी में वृद्धि और इस महीने के अंत में होने वाले स्थानीय चुनावों के बहिष्कार के आह्वान की खबरों के बीच हुए हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के बावजूद हजारों लोग जमा हुए।

'आपकी मदद की जरूरत', अमन खान ने की अपील

सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में जेएएसी के मुख्य सदस्य सरदार अमन खान को समर्थन देने की अपील करते हुए दिखाया गया है, जिसमें खान ने दावा किया है कि निवासियों को आवश्यक वस्तुओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
'मेंढर, पुंछ, राजौरी, डोडा… में रहने वालों से हमारी अपील है। इस तरफ राशन और दवाइयों की कमी है, और हमें आपकी मदद की जरूरत है। हमें आपकी मदद चाहिए,।' एक अन्य भाषण में समर्थकों से दृढ़ रहने का आग्रह किया।

सवाल पर भीड़ ने जवाब दिया, हाँ! हमें आगे बढ़ना चाहिए

खान ने जनता से पूछा,"क्या हमें युद्धविराम रेखा की ओर कदम बढ़ाना चाहिए या नहीं? जोर से बताओ, क्या हमें आगे बढ़ना चाहिए या नहीं?" उन्होंने पूछा, जिस पर भीड़ ने जवाब दिया, "हाँ!" पत्रकारों की ओर मुड़ते हुए ' लेखकों, इसे लिख लो! इसे देखो! और लोगों, मुझे और जोर से बताओ, क्या हमें युद्धविराम रेखा की ओर कदम बढ़ाना चाहिए या नहीं?'

गोलियों से जवाब दिया तो हमारे पास भी विकल्प: खान

उन्होंने अधिकारियों को बल प्रयोग न करने की चेतावनी देते हुए कहा: "हम कहते हैं कि कश्मीरी भावना और राजनीतिक रुख को देखते हुए, अगर गोलियों से जवाब दिया तो हमारे पास भी विकल्प हैं। कल शिकायत मत करना, कल पछतावा मत जताना कि तुम्हें बुरा लगा।"

'यदि आप क्रूरता दिखाएंगे, तो हम भी क्रूरता दिखाएंगे'

उन्होंने अपने संबोधन के समापन में खान ने कहा: "हम आपके स्वभाव के लोग नहीं हैं। यदि आप वफादारी दिखाएंगे, तो हम भी वफादारी दिखाएंगे; यदि आप क्रूरता दिखाएंगे, तो हम भी क्रूरता दिखाएंगे। हम भी आपकी तरह ही इंसान हैं। आप जो करेंगे, ईश्वर की कृपा से हम भी वही करेंगे। इससे अधिक कहने की कोई आवश्यकता नहीं है।"

पांच लाख प्रदर्शनकारियों से प्रदर्शन का आह्वान

जेएएसी ने रविवार के विरोध प्रदर्शनों से पहले पूरे पीओके में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की अपील की और निवासियों से सफेद झंडे लेकर चलने और अनुशासन बनाए रखने का आग्रह किया। समिति का अनुमान है कि यदि क्षेत्र के 10 जिलों में से प्रत्येक से लगभग 50,000 लोग भाग लेते हैं, तो मतदान में 500,000 लोगों की संख्या तक पहुंच सकती है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय को दिखाएं हम केवल अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं

समिति ने कहा, "अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्वक बाहर आएं। सफेद झंडा उठाएं, अनुशासन का प्रदर्शन करें और शांति बनाए रखें।" समिति ने कहा कि इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह दिखाना है कि "हम केवल अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं और हमारा विरोध पूरी तरह से शांतिपूर्ण है।"