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पीएम नरेंद्र मोदी ने किया अमरीकी कांग्रेस को संबोधित, यूएस संसद में गूंजे मोदी-मोदी के नारे

PM Modi's Historic Address To US Congress: पीएम नरेंद्र मोदी इस समय अमरीका की स्टेट विज़िट पर हैं। इस राजकीय दौरे के दौरान पीएम मोदी ने अमरीकी कांग्रेस को भी संबोधित किया। पीएम मोदी के इस संबोधन को अमरीकी कांग्रेस से ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिला।

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जयपुर

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Tanay Mishra

Jun 23, 2023

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PM Narendra Modi addressing US Congress

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Of India Narendra Modi) इस समय अपनी चार दिवसीय स्टेट विज़िट के दौरान अमरीका में हैं। अपनी इस स्टेट विज़िट के दौरान पीएम मोदी पहले न्यूयॉर्क (New York) गए, जहाँ उन्होंने कई अमरीकी सीईओ और अन्य हस्तियों से मुलाकात की। न्यूयॉर्क से पीएम मोदी अमरीका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी (Washington DC) पहुंचे, जहाँ उन्होंने अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) और उनकी पत्नी फर्स्ट लेडी ऑफ अमरीका जिल बाइडन (Jill Biden) से व्हाइट हाउस (White House) में मुलाकात की। पीएम मोदी ने फर्स्ट कपल ऑफ अमरीका को खास गिफ्ट्स भी दिए। अगली सुबह पीएम मोदी ने अमरीकी राष्ट्रपति बाइडन के साथ व्हाइट हाउस में ही अहम द्विपक्षीय मीटिंग की, जिसमें भारत और अमरीका के संबंधों को मज़बूत करने के साथ ही डिफेंस, स्पेस, टेक्नोलॉजी, ट्रेड और दूसरे कई अहम विषयों पर दोनों राजनेताओं ने बातचीत की और कई डील्स को फाइनल भी किया। इसके कुछ देर बाद पीएम मोदी ने अमरीकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित किया।


दूसरी बार किया अमरीकी कांग्रेस को संबोधित

यह पहला अवसर नहीं था जब पीएम मोदी ने अमरीकी कांग्रेस को संबोधित किया। इससे पहले भी पीएम मोदी जून 2016 में अमरीकी कांग्रेस को संबोधित कर चुके हैं। इसके साथ ही पीएम मोदी इतिहास रचते हुए अमरीकी कांग्रेस को दो अलग-अलग अवसरों पर संबोधित करने वाले पहले भारतीय पीएम भी बन गए।

पीएम मोदी का हुआ ज़बरदस्त स्वागत

अमरीकी कांग्रेस में पीएम मोदी का ज़बरदस्त स्वागत हुआ। तालियों की गड़गड़ाहट के साथ पीएम मोदी का स्वागत हुआ। इतना ही नहीं, अमरीकी संसद में 'मोदी-मोदी' के नारे भी लगे। पीएम मोदी के संबोधन के दौरान उन्हें 15 बार स्टैंडिंग ओवेशन मिला। साथ ही उनके लिए 75 बार जोरदार तालियाँ भी बजी।

भारतीय जनता का किया आभार व्यक्त

पीएम मोदी ने अपने संबोधन को शुरू करते हुए कहा, "अमरीकी कांग्रेस को संबोधित करना हमेशा सम्मान की बात होती है। ऐसा दो बार करना सौभाग्य है। इस सम्मान के लिए मैं भारत के 140 करोड़ लोगों के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। मैं देख रहा हूं कि आप में से लगभग आधे लोग 2016 में मेरे पिछले संबोधन के दौरान यहाँ थे। मैं दूसरे आधे हिस्से में पुराने दोस्तों और नए दोस्तों का उत्साह भी देख सकता हूं और यह एक बेह्तरीन अनुभव है।"

AI - अमरीका-इंडिया का विकास

पीएम मोदी ने कहा, "पिछले कुछ सालों में AI यानी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में काफी प्रगति हुई है। साथ ही दूसरे एआई यानी कि अमरीका और भारत में और भी महत्वपूर्ण विकास पिछले कुछ सालों में हुआ है।


भारत और अमरीका के सबंधों का जश्न मनाने आए साथ

पीएम मोदी ने कहा, "मैं धैर्य, अनुनय और नीति की लड़ाई को समझ सकता हूं। मैं विचारों और विचारधारा की बहस को समझ सकता हूं। लेकिन मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि आप सभी भारत और अमरीका जैसे दो महान गणतंत्रों के बीच संबंधों का जश्न मनाने के लिए एक साथ आए।"

कमला हैरिस के भारतीय कनेक्शन का ज़िक्र

पीएम मोदी ने कहा, "अमरीका की स्थापना एक समान लोगों वाले राष्ट्र के दृष्टिकोण से प्रेरित थी। अमरीका में लाखों लोग ऐसे हैं जिनकी जड़े भारत में हैं। उनमें से कुछ इस सदन में गर्व से बैठते हैं और एक मेरे पीछे हैं।"

पीएम मोदी ने अपने पीछे बैठे जिस व्यक्ति के भारतीय कनेक्शन का ज़िक्र किया, वह अमरीका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस (Kamala Harris) हैं, जो भारतीय मूल की हैं।

भारत है लोकतंत्र की जननी

पीएम मोदी ने कहा, "लोकतंत्र दोनों देशों के पवित्र और साझा मूल्यों में से एक है। पूरे इतिहास में एक बात साफ रही है कि लोकतंत्र एक ऐसी भावना है जो समानता और सम्मान का हमेशा से समर्थन करती रही है। लोकतंत्र एक ऐसा विचार है जो वाद/बहस और चर्चा का स्वागत करता है। लोकतंत्र एक ऐसी संस्कृति है जो विचार और अभिव्यक्ति को पंख देती है। भारत को प्राचीन काल से ही लोकतंत्र के इन मूल्यों का सौभाग्य मिला हुआ है। भारत लोकतंत्र की जननी है।"

आज़ादी के 75 साल पूरे करना विविधता का उत्सव

पीएम मोदी ने कहा, "पिछले साल भारत ने आज़ादी के 75 साल पूरे किये। हर मील का पत्थर महत्वपूर्ण होता है, पर यह निश्चित रूप से काफी खास था। हमने किसी न किसी रूप में हज़ारों सालों विदेशी शासन के बाद अपनी 75 वर्षों की स्वतंत्रता की शानदार यात्रा का जश्न मनाया। यह सिर्फ लोकतंत्र का ही नहीं, बल्कि विविधता का भी उत्सव था।"

भारत में बसते हैं सभी धर्म

पीएम मोदी ने कहा, "भारत दुनिया के सभी धर्मों का घर है। भारत में दुनिया के सभी धर्म बसते हैं और हम उन सभी मिलकर उनका जश्न मनाते हैं। भारत में विविधता ले साथ जीवन जीने का एक स्वाभाविक तरीका है। आज दुनिया भी भारत के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानना चाहती है।"

बढ़ता है भारत, तो बढ़ती है दुनिया

पीएम मोदी ने कहा, "जब मैं प्रधानमंत्री के तौर पर पहली बार अमरीका आया था, तब भारत दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश था। आज भारत 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश है। भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश होगा। हम न केवल बड़े हो रहे हैं, बल्कि तेजी से आगे भी बढ़ रहे हैं। जब भारत aage बढ़ता है तो पूरी दुनिया बढ़ती है।"

भारत की एक आवाज़

पीएम मोदी ने कहा, "हमारे देश में 2,500 से ज़्यादा राजनीतिक पार्टियाँ हैं। भारत के विभिन्न राज्यों में लगभग 20 अलग-अलग पार्टियों की सरकारें शासन हैं। हमारे देश की 22 आधिकारिक भाषाएं हैं हजारों बोलियाँ हैं, फिर भी हम सभी की आवाज़ एक है।"


आधुनिक भारत में महिलाओं के नेतृत्व में विकास

पीएम मोदी ने कहा, "आज आधुनिक भारत में महिलाएं हम सभी को एक बेहतर भविष्य की ओर ले जा रही हैं। भारत का नज़रिया सिर्फ महिलाओं को फायदा पहुंचाने वाला विकास नहीं है। भारत में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास का है जिसमें महिलाएं सभी की विकास के पथ पर यात्रा का नेतृत्व करती हैं। हमारे देश में एक साधारण आदिवासी पृष्ठभूमि से निकलकर एक महिला (भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू) हमारी राष्ट्रप्रमुख बनी हैं।"

भारत करता है धरती का सम्मान

लोकतंत्र, समावेश और स्थिरता की भावना भारत को परिभाषित करती है। भारत धरती के लिए ज़िम्मेदारी पूरी करते हुए भी विकास के पथ पर अग्रसर है। धरती हमारी माता है और हम उसकी संतान हैं। भारतीय संस्कृति पर्यावरण और हमारी धरती का गहरा सम्मान करती है।"

वसुधैव कुटुम्बकम के आदर्श का पालन

पीएम मोदी ने कहा, "भारत 'वसुधैव कुटुंबकम' के आदर्श को मानता है, यानी कि पूरी दुनिया एक परिवार है। दुनिया के साथ हमारा जुड़ाव हर किसी के लिए फायदेमंद है। जब हम G20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करते हैं, तो एक धरती, एक परिवार, एक भविष्य की भावना दिखाई देती है। पिछले हफ्ते कई देशों ने यूनाइटेड नेशन्स में शांतिरक्षकों के सम्मान में एक स्मारक दीवार बनाने के हमारे प्रस्ताव को समर्थन दिया था। टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए इस साल पूरी दुनिया इन्टरनेशनल मिलेट्स ईयर मना रही है।"

पेरिस प्रतिबद्धता को पूरा करने वाला एकमात्र देश भारत

पीएम मोदी ने कहा, "भारत अपनी पेरिस प्रतिबद्धता को पूरा करने वाला एकमात्र G20 देश बन गया है। हमने 2030 के लक्ष्य से 9 साल पहले ही अपने ऊर्जा स्रोतों में नवीकरणीय ऊर्जा के हिस्से को 40% से ज़्यादा कर दिया है। लेकिन हम यहीं नहीं रुके। ग्लासगो शिखर सम्मेलन में मैंने मिशन LiFE का प्रस्ताव रखा था। भारत का यह मिशन ग्रह-समर्थक प्रगति, ग्रह-समृद्धि, ग्रह-समर्थक लोग पर आधारित है।"

अमरीका है भारत के सबसे अहम पार्टनर्स में से एक

पीएम मोदी ने कहा, "आज के इस समय में अमरीका हमारे सबसे महत्वपूर्ण डिफेंस पार्टनर्स में से एक बन गया है। आज, भारत और अमरिका अंतरिक्ष और समुद्र में, विज्ञान और अर्धचालक में, स्टार्टअप और स्थिरता में, तकनीक और व्यापार में, खेती और वित्त में, कला और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में एक साथ काम कर रहे हैं।"

पहले के सभी प्रधानमंत्रियों और राष्ट्रपतियों ने बढ़ाया रिश्ते को आगे

पीएम मोदी ने कहा, "पहले के सभी भारतीय प्रधानमंत्रियों और अमरीकी राष्ट्रपतियों ने दोनों देशों के रिश्ते को आगे बढ़ाया है, लेकिन हमारी पीढ़ी इस रिश्ते को और अधिक ऊँचाइयों पर ले गई है। मैं राष्ट्रपति बाइडन से सहमत हूं कि दोनों देशों के बीच यह एक निर्णायक और अहम पार्टनरशिप है क्योंकि यह एक बड़े उद्देश्य को पूरा करती है।"


दुनिया बदल गई है, संस्थाओं को भी बदलना होगा

पीएम मोदी ने कहा, "हमें बहुपक्षवाद को पुनर्जीवित करना चाहिए और साथ ही बेहतर संसाधनों और प्रतिनिधित्व के साथ बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार करना चाहिए। यह शासन के हमारे सभी वैश्विक संस्थानों, खास तौर पर यूनाइटेड नेशन्स पर लागू होता है। जब दुनिया बदल गई है, तो हमारी संस्थाओं को भी बदलना होगा। उन्हें बिना नियमों के प्रतिद्वंद्विता की दुनिया के जोखिम को उठाना होगा। अंतर्राष्ट्रीय कानून पर आधारित एक नई विश्व व्यवस्था के लिए काम करने में हमारे भारत और अमरीका पार्टनर्स के रूप में सबसे आगे रहेंगे।"

युद्ध का नहीं है दौर, आतंकवाद है खतरा

पीएम मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध और आतंकवाद पर भी दुनिया में हर देश को संदेश देते हुए कहा, "यह युद्ध का दौर नहीं है। यह संवाद और कूटनीति का दौर है और हम सभी को खूनखराबे और इंसानों को तकलीफ पहुंचाने वाले कामों को रोकने के लिए हर संभव कोशिश करनी चाहिए। हिंद-प्रशांत महासागर क्षेत्र की स्थिरता हमारी पार्टनरशिप की केंद्रीय चिंताओं में से एक बन गई है। दोनों देश एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक का नज़रिया रखते हैं। 9/11 हमले के 2 दशक से भी ज़्यादा समय बाद और मुंबई में 26/11 हमले के एक दशक से भी ज़्यादा समय बाद भी आतंकवाद और कट्टरवाद पूरी दुनिया के लिए खतरा बना हुआ है।"

आतंकवाद है मानवता का दुश्मन

पीएम मोदी ने कहा, "आतंकवाद मानवता का दुश्मन है और इससे निपटने में कोई किंतु-परंतु नहीं हो सकता। हमें आतंक को बढ़ावा देने वाली सभी ताकतों पर काबू पाना होगा।"

भविष्य है आज

पीएम मोदी ने दोनों देशों के रिश्ते पर बात करते हुए कहा, "जब मैं 2016 में यहाँ आया था, तो मैंने कहा था कि हमारा रिश्ता भविष्य के लिए बहुत ही अहम है। वह भविष्य आज है।"

इसके साथ ही पीएम मोदी ने स्टैंडिंग ओवेशन के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।


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