लंदन के रेस्टोरेंट में एक एनिमल लवर ने घुसकर खूब हंगामा किया। जिसके बाद वहां के स्टाफ ने उसे रेस्टोरेंट से बाहर निकाल दिया। इस घटना की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि रेस्टोरेंट के स्टाफ एक महिला को बाहर निकाल रहे हैं।
लंदन के एक रेस्टोरेंट में एक एनिमल लवर को रेस्टोरेंट के स्टाफ ने बाहर उठाकर फेंक दिया। यह एनिमल लवर रेस्टोरेंट में घुस कर हंगामा करने लगी थी। न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एनिमल एंड क्लाइमेट जस्टिस ग्रुप 'एनिमल रिबेलियन' कि एक मेंबर लंदन के नाइट्सब्रिज के नुसर-एट (Nusr-Et) रेस्टोरेंट में घुसकर हंगामा करने लगी। जिसके बाद रेस्टोरेंट के मालिक ने स्टाफ की मदद से उसे बाहर उठाकर फिंकवा दिया। इसके बाद 'एनिमल रिबेलियन' ग्रुप के आठ कार्यकर्ताओं ने रेस्टोरेंट को अपने निशाने पर ले लिया और वहां प्रदर्शन करने लगे।
रेस्टोरेंट से एनिमल लवर को निकाला गया बाहर
बता दें, नुसर-एट रेस्टोरेंट मीट और नॉन-वेज डिश के लिए फेमस है। तुर्की के मशहूर शेफ नुसरत गोकसे इस लग्जरी रेस्टोरेंट के मालिक हैं। इस घटना कि एक वीडियो 'एनिमल रिबेलियन' ग्रुप ने सोशल मीडियो पर शेयर की है। ग्रुप ने पोस्ट पर लिखा, "हमारे मेंबर को लंदन के नुसर-एट रेस्टोरेंट से बाहर निकाल दिया गया। ये रेस्टोरेंट मीट और नॉन-वेज डिश के लिए फेमस है। लोगों को इस तरह का खाना परोसा जाना ऐनिमल एक्सप्लॉयटेशन है। ये पर्यावरण के लिए भी खतरा है। ये सस्टेनेबल फूड सिस्टम नहीं है।"
एनिमल रिबेलियन ग्रुप के मेंबर्स ने किया प्रदर्शन
शेयर किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि स्टाफ एनिमल रिबेलियन ग्रुप कि एक मेंबर को रेस्टोरेंट से बाहर निकाल रहे हैं। इस ग्रुप ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी एक पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, "हमारे ग्रुप के मेंबर्स ने लंदन में नुसर-एट के लक्ज़री रेस्तरां में धरना दिया है। क्यों? क्योंकि विलासितापूर्ण भोजन शोषण, पर्यावरणीय विनाश और असमानता का प्रतिनिधित्व करता है। क्योंकि लग्जरी डायनिंग समाज की असमानता को दर्शाता है।"
महंगाई के बावजूद लग्जरी डायनिंग पर पैसे खर्च कर रहे लोग
ग्रुप ने आगे लिखा, "ब्रिटेन में महंगाई बढ़ रही है। इसके बावजूद अमीर लोग लग्जरी डायनिंग में पैसे खर्च कर रहे हैं। यहां क्लाइमेट और इकोलॉजिकल क्राइसेस हैं। पौधों पर आधारित खेती के लिए समान मात्रा में भोजन उगाने के लिए 75% कम भूमि की आवश्यकता होती है (पशु चारा उगाने की आवश्यकता को दूर करने के लिए धन्यवाद!) हम अपनी आबादी को बहुत कम में खिलाएंगे, और भूमि पर अधिक से अधिप पेड़ उगाकर प्रकृति को फिर से हरा-भरा करेंगे।"