
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने 2008 के मुम्बई हमले के 'मास्टर माइंडÓ जकीउर रहमान लखवी की रिहाई के लाहौर हाईकोर्ट के आदेश को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
पंजाब सरकार के गृह विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा है कि लखवी के विरूद्ध पर्याप्त सबूत है थे किन्तु लाहौर हाईकोर्ट के जज अनवारूद हक ने उनकी उपेक्षाकर 10 अप्रेल को उसकी रिहाई का आदेश जारी कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि लखवी की रिहाई के हाईकोर्ट के आदेश को स्थगित कर सार्वजनिक व्यवस्था आदेश के अन्तर्गत उसकी नजरबंदी को कायम रखने का आदेश दिया जाना चाहिए।
पंजाब सरकार ने पहले कहा था कि लखवी की नजरबंदी गुप्तचर एजेन्सियों द्वारा दी गई संवेदनशील सूचनाओं के आधार पर किया गया था। लखवी ने अपनी चौथी तथा एक महीने की नजरबंदी को 14 मार्च को लाहौर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और हाईकोर्ट ने उसकी तुरंत रिहाई का आदेश दिया था।
लखवी की रिहाई की कड़ी आलोचना की गई थी और भारत ने इसे अत्यन्त निराशाजनक बताया था। भारत ने पाकिस्तान सरकार से कहा था कि वह इस बात की व्यवस्था करे कि लखवी जेल से बाहर नहीं आ सके।
उधर, पाकिस्तान ने रिहाई का दोष भारत के सिर मढ़ दिया था। अमरीका, फ्रांस तथा इजराइल ने भी लखवी की रिहाई की ङ्क्षनदा की थी। लखवी उन सात व्यक्तियों में से एक है जिनके विरूद्ध 2008 में मुम्बई पर आतंकवादी हमले का षडयंत्र रचकर उसे अंजाम देने का आरोप था।
Published on:
14 Apr 2015 07:17 pm
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