
'Putin is isolating himself', White House weighs in after PM Modi's message to Putin
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच बीते दिन शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस को शांति का संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि आज का दौर युद्ध का नहीं है, जिसके बारे में फोन पर भी हमारी और आपकी कई बार बात हो हुई है। प्रधानमंत्री मोदी के इस संदेश से अमरीका गदगद हो गया है। व्हाइट हाउस में अमरीकी राज्य सचिव एंटनी ब्लिंक्ड ने कहा कि "मुझे लगता है कि आपने जो उज्बेकिस्तान में भारत और चीन के नेताओं का संदेश सुना, उसके यह साफ संकेत कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन यूक्रेन में जो कुछ भी कर रहे हैं उसके लिए उनके प्रति किसी भी देश की सहानुभूति नहीं हैं।"
एंटनी ब्लिंक्ड ने कहा कि व्लादिमीर पुतिन केवल खुद को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अलग कर रहे हैं। हमें लगता है कि अब रूस के साथ किसी भी तरह का व्यापार करने का समय नहीं है क्योंकि वह यूक्रेन के साथ गलत कर रहे हैं।
भारत से जो सुन रहे हैं वह दुनिया भर की चिंताओं को दर्शाता है:एंटनी ब्लिंक्ड
अमरीकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि भारत से जो सुन रहे हैं वह यूक्रेन पर रूस की आक्रामकता के प्रभावों के बारे में दुनिया भर की चिंताओं को दर्शाता रहा है। इसका प्रभाव न केवल यूक्रेन के लोगों पर बल्कि इसका प्रभाव पूरी दुनिया के लोगों पर पड़ रहा है।
आज का दौर युद्ध का नहीं:PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का दौर युद्ध का नहीं है, जिसके बारे में फोन पर भी हमारी और आपकी कई बार बात भी हुई है। इसका जवाब देते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा हम चाहते हैं कि युद्ध जल्द से जल्द खत्म हो। वहां क्या हो रहा है, उसके बारे में हम आपको जानकारी मुहैया कराते रहेंगे। हालांकि पुतिन ने युक्रेन के साथ बातचीत प्रक्रिया में शामिल होने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह युद्ध के मैदान पर ही अपने उद्देश्यों को प्राप्त करना चाहते हैं।
यह भी पढ़ें: नरेंद्र मोदी का जन्मदिन जानते हुए भी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नहीं दी शुभकामनाएं, बताया कारण
रूस के साथ तेल न खरीदने को लेकर अमरीका ने डाला था दबाव
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से अमरीका ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसके बाद भी भारत लगतार रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है। अमरीका ने भारत को रूस के साथ अपने सभी संबंध खत्म करते हुए तेल न खरीदने के लिए कहा था। इसके लिए अमरीका ने भारत पर तेल खरीदी रोकने के लिए कई तरह के दवाब बनाए, लेकिन इसके बाद भी भारत लगातार रूस के साथ तेल सहित अन्य व्यापारिक वस्तुएं खरीद रहा है।
Published on:
17 Sept 2022 12:08 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
