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शोधः जीनोम के डार्क मैटर से उठा पर्दा, अब खुलेंगे पुरुषों की नपुंसकता के रहस्य

वैज्ञानिक की मानव जीव विज्ञान को समझने में पहली बार बड़ी सफलता मिली है। पुरुषों के वाई गुण सूत्र की पूर्ण सीक्वेंसिंग जारी की गई है। इसके पहले वाई गुण सूत्र को जीनोम का एक डार्क मैटर कहा जाता था । इस उपलब्धि को टी2टी कंसोर्टियम और पेनसिल्वेनिया के वैज्ञानिकों को कई साल के प्रयासों से मिली है।

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y chromosomes revealed

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मानव जीव विज्ञान के क्षेत्र में वैज्ञानिकों ने पहली बार पुरुषों के वाई गुणसूत्र का पूर्ण अनुक्रम बनाने में सफलता हासिल की है। शोध पत्रिका नेचर ने इसको बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया है। पत्रिका के अनुसार, इस सफलता का आशय है, मानव के बारे में आनुवंशिक सामग्री के बारे में बहुमूल्य जानकारी का सामना आने की शुरुआत। इससे पुरुष नपुंसकता और विभिन्न स्वास्थ्य विकारों के अध्ययन में क्रांति आ सकती है।

हमारे आनुवंशिक कोड के मूलभूत तत्वों को समझने के प्रारंभिक प्रयास दो दशक पहले हुए थे, फिर भी मानव गुणसूत्रों के 23 जोड़े को समझने में कई महत्वपूर्ण कड़ियों को जोड़े जाना अभी तक शेष था। समझ की इन महत्वपूर्ण कड़ियों को पिछले साल टेलोमेरे-टू-टेलोमेरे (टी2टी) कंसोर्टियम के नाम से जाने जाने वाले 100 शोधकर्ताओं के एक अंतरराष्ट्रीय समूह द्वारा काफी हद तक भर दिया गया था।

जोड़ ली गई हैं गायब कड़ियां
मानव जीनोम परियोजना और टी2टी कंसोर्टियम की कथित सफलता के बावजूद वाई गुणसूत्र के भीतर आधे से अधिक अनुक्रम एक रहस्य बने हुए थे। लेकिन पेनसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के सहयोग से शोधकर्ताओं के एक समूह ने वाई गुणसूत्र का पहला व्यापक जीनोम अनुक्रम का जारी किया है, जिसमें अब गायब कड़ियों को पूरा कर लिया गया है। इसके निष्कर्ष नेचर पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं। गौरतलब है कि वाई गुणसूत्र सभी गुणसूत्रों में सबसे जटिल है।

संभावनाओं में बड़ा बदलाव
अध्ययन की सह-मुख्य लेखिका मोनिका सेचोवा ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि, कुछ साल पहले, मानव वाई गुणसूत्र का आधा हिस्सा हमारी समझ के संदर्भ से गायब था। इस शोध के बाद अब यह वास्तव में जो संभव है उसमें एक बड़ा बदलाव हुआ है।

एक्स और वाई गुणसूत्र का महत्व


आमतौर पर, मनुष्यों की प्रत्येक कोशिका के भीतर लैंगिक गुणसूत्रों की एक जोड़ी होती है, पुरुषों में एक एक्स और एक वाई गुणसूत्र होते हैं, जबकि महिलाओं में दो एक्स गुणसूत्र होते हैं। लेकिन अब वाई गुणसूत्र की जीनोम संरचना की सटीक जानकारी मिलने से इस गुणसूत्र से जुड़ी स्वास्थ्य दशाओं और विकारों की खोज हो सकेगी। इसमें अपर्याप्त शुक्राणु उत्पादन के कारण नपुंसकता का विषय भी शामिल है। गौरतलब है कि हालिया शोध में स्वास्थ्य और दीर्घायु से जुड़े विषयों में भी वाई गुणसूत्र के व्यापक महत्व को रेखांकित किया गया है।

जीनोम का डार्क मैटर था वाई जीनोम
यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया स्कूल ऑफ मेडिसिन के प्रोफेसर केनेथ वॉल्श के अनुसार जीनोम का डार्क मैटर कहा जाने वाला वाई क्रोमोसोम रहस्यमय बना हुआ था। वॉल्श के अनुसार, वाई क्रोमोसोम के कुछ जीन कैंसर और हृदय रोगों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण हैं। लेकिन अब हासिल हुई नई जानकारी से इसके रेगुलेटरी कार्यों के साथ-साथ एमआरएनए और प्रोटीन की संभावित एन्कोडिंग के बारे में एक अंतर्दृष्टि मिल सकती है।

वाई गुणसूत्र की जटिलता और महत्व

वाई गुणसूत्र में कुल 6 करोड़ 25 लाख में 3 करोड़ से ज्यादा से ज्यादा अक्षर दोहराव वाले होते हैं, जिन्हें अक्सर सैटेलाइट या जंक डीएनए कहा जाता है। इसमें पैलिंड्रोम यानी वह अक्षर भी शामिल है जो आगे और पीछे समान रूप से पढ़ा जा सकता है। इसकी दोहरावदार प्रकृति के कारण इसके रहस्य को उजागर करना एक चुनौती बना हुआ था।

गौरतलब है वाई क्रोमोसोम नपुंसकता पुरुष प्रजनन क्षमता को प्रभावित करने वाली एक सामान्य आनुवंशिक स्थिति है। सभी जातीय समूहों के लगभग 2,000 से 3,000 पुरुषों में 1 इससे पीड़ित होता है। इसके अलावा वाई क्रोमोसोम को 13 फीसदी पुरुषों में शुक्राणुओं की कमी से भी जोड़ा जाता है।