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ट्रंप के रौब जमाने और रूस के दबाव से नहीं डरे जेलेंस्की, 30 देशों के साथ अहम बैठक रख कर ताल ठोकी

Russia Ukraine Conflict:रूस और यूक्रेन में चल रही जंग खत्म करने के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने 30 देशों के साथ बैठक बुलाने का फैसला किया है।

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भारत

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MI Zahir

Dec 11, 2025

Trump Putin Summit 2025 zelensky reaction

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो: X Handle Thee Krishna.)

Russia Ukraine Conflict: रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग (Russia Ukraine Conflict) रुकवाने के लिए की जा रही सीजफायर की कोशिशों को तब गहरा धक्का लगा, जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की (Zelensky) ने अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप के रौब (Trump Influence) और रूस के दबाव के आगे झुकने से साफ तौर पर इनकार कर दिया। ज़ेलेंस्की ने दो टूक कह दिया है कि रूस की ओर से उनकी ज़मीन पर दबाव (Russia Pressure) बढ़ाया जा रहा है, लेकिन वे किसी भी हालत में अपने देश की स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता के साथ समझौता नहीं करेंगे। साथ ही उन्होंने रूस के साथ चल रहा संघर्ष खत्म करने के लिए 30 देशों के नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक बुलाने का निर्णय लिया। उनका उद्देश्य यूरोपीय देशों से और अधिक समर्थन जुटाना है, ताकि युद्ध के दौरान किसी भी तरह की नई स्थिति को नकारा जा सके। ऐसा कर के जेलेंस्की ने एक तीर से कई शिकार किए हैं। उन्होंने मीटिंग बुला कर यह तो बता दिया है कि वे तो शांति के पक्षधर हैं और सीजफायर (Ceasefire Talks) भी करना चाहते हैं, मगर किसी के दबाव या शर्तों पर ऐसा नहीं करेंगे, बल्कि देश की संप्रभुता,स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता का ध्यान रखते हुए ही बात करेंगे। उनका यह कदम ट्रंप का प्रभुत्व स्वीकार न करने का भी संकेत है और पुतिन के दबाव का भी जवाब है।

ट्रंप और पुतिन का प्रभाव: यूक्रेन पर बढ़ सकता है खतरा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बढ़ते रिश्तों से पूरी दुनिया में चिंता का माहौल पैदा ​हो गया है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि इन दोनों देशों का यूक्रेन पर संयुक्त दबाव पड़ता है, तो यह स्थिति और भी जटिल हो सकती है। हालांकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने साफ कह कह दिया है कि उनका देश किसी भी हाल में अपनी संप्रभुता को कमज़ोर नहीं होने देगा और इस संघर्ष में अपनी पूरी ताकत के साथ खड़ा रहेगा।

यूरोप से मजबूत समर्थन की उम्मीद

जेलेंस्की ने यूरोपीय देशों से और अधिक समर्थन करने की अपील की है। उनका कहना है कि रूस ने यूक्रेन पर कब्जा करने के लिए अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं, और इस स्थिति का मुकाबला करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है। जेलेंस्की ने यूरोपीय नेताओं को इस संघर्ष में शामिल होने की ज़रूरत महसूस कराई है, ताकि रूस को रोका जा स। इसके लिए, वे 30 देशों के नेताओं के साथ बैठक कर कई रणनीतियों पर चर्चा करेंगे और यूक्रेन के संघर्ष को प्राथमिकता देने के लिए उन्हें प्रेरित करेंगे।

वैश्विक सुरक्षा और भविष्य की दिशा

जेलेंस्की ने कहा कि यह केवल यूक्रेन का नहीं, बल्कि पूरे लोकतांत्रिक जगत का संघर्ष है। यदि रूस को इस युद्ध में जीत मिलती है, तो इसका असर न केवल यूरोप, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ेगा, जहां लोकतांत्रिक सरकारों की स्थिति कमजोर हो सकती है। इसलिए, उन्होंने यूरोपीय देशों और अन्य वैश्विक ताकतों से यूक्रेन का सहयोग करने की अपील की है, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की जा सके और इस युद्ध को समाप्त किया जा सके।

यूक्रेन के लिए यह समय बहुत नाजुक

बहरहाल, यूक्रेन के लिए यह समय बहुत नाजुक और निर्णायक है। रूस की लगातार सैन्य आक्रमण और वैश्विक दबाव के बावजूद, जेलेंस्की ने 30 देशों की बैठक बुला कर अपने संघर्ष को वैश्विक मंच के सामने रख कर दबाव के खेल का पर्दाफाश कर दिया है । अब यह बैठक यूक्रेन को सैन्य और कूटनीतिक समर्थन दे सकती है, जो इस जंग को खत्म करने में मददगार साबित हो सकती है।