18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दूसरी बार पाकिस्तान के पीएम बने शहबाज़ शरीफ के सामने होंगी दो बड़ी चुनौतियाँ..

Two Big Challenges For Shehbaz Sharif: शहबाज़ शरीफ दूसरी बार पाकिस्तान के पीएम बन गए हैं। पर दूसरी बार पीएम बने शहबाज़ के सामने दो बड़ी चुनौतियाँ होंगी। क्या? आइए जानते हैं।

2 min read
Google source verification
shehbaz-sharif.jpg

Shehbaz Sharif

चुनाव के लगभग एक महीने बाद पाकिस्तान को नया प्रधानमंत्री मिल गया है। 8 फरवरी को पाकिस्तान में चुनाव हुए थे, पर प्रधानमंत्री मिया 4 मार्च को। शहबाज़ शरीफ ने आज पाकिस्तान के 24वें पीएम के तौर पर ज़िम्मेदारी संभाली। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब शहबाज़ पाकिस्तान के पीएम बने हैं। शहबाज़ इससे पहले भी पाकिस्तान के पीएम बन चुके हैं। इमरान खान की पीएम पद की कुर्सी जाने के बाद शहबाज़ को 11 अप्रैल 2022 को पाकिस्तान का पीएम बनाया गया था और वह 13 अगस्त 2023 तक इस पद पर रहे। हालांकि इस दौरान उन्होंने न देश की जनता को प्रभावित किया और न ही इंटरनेशनल लेवल पर पाकिस्तान को सम्मान के साथ प्रतिनिधित्व किया। पर इस बार चुनाव के वाद शहबाज़ को यह मौका मिल रहा है वह लगातार 5 साल देश के पीएम बने रह सकते हैं। पर इस दौरान उनका सफर आसान नहीं होगा।


1) पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति में सुधार

पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति बहुत ही ख़राब चल रही है। पाकिस्तान न सिर्फ कंगले से जूझ रहा है, बल्कि देश में महंगाई भी बहुत ज़्यादा हो गई है। एक बार आईएमएफ से बेलआउट लोन ले चुके पाकिस्तान को जल्द ही फिर से इसकी ज़रूरत पड़ सकती है। ऐसे में देश आर्थिक नज़रिए से बहुत ही कमज़ोर हो गया है और इसका असर देश की जनता पर भी पड़ रहा है। ऐसे में शहबाज़ के सामने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति में सुधार करना एक बड़ी चुनौती होगी।

2) आतंकवाद से बिगड़ी छवि सुधारना

आतंकवाद पाकिस्तान की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद का पनाहगार रहा है पर पिछले कुछ साल में देश आतंकवाद की चपेट में भी आ चुका है। अफगानिस्तान में तालिबान का शासन फिर से शुरू होने के बाद पाकिस्तान में आतंकवाद की समस्या और भी बढ़ गई है। आए दिन ही पाकिस्तान में कहीं न कहीं धमाके या इस तरह के हमले होते रहते हैं। आतंकवाद की वजह से लंबे समय से पाकिस्तान की छवि काफी खराब है और पिछले कुछ साल में तो यह और भी धूमिल हुई है। ऐसे में शहबाज़ के सामने न सिर्फ पाकिस्तान से आतंकवाद को कम करने की चुनौती होगी, बल्कि इस वजह से देश की बिगड़ी छवि को सुधारने की भी चुनौती होगी।


यह भी पढ़ें- पाकिस्तानी फ्लाइट अटेंडेंट्स की रहस्यमय उड़ानें, कनाडा में लैंड करने के बाद हो रही हैं गायब