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Sheikh Hasina: ‘वे मुझे मार भी सकते हैं, लेकिन मैं बांग्लादेश लौटेंगी’, पूर्व बांग्लादेशी पीएम शेख हसीना ने वतन वापसी पर दिया अपडेट

Bangladesh Politics: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिसंबर में देश लौटने का ऐलान किया है। मौत की सजा और गिरफ्तारी के खतरे के बावजूद उन्होंने कहा कि वह अदालत में आत्मसमर्पण करेंगी और अपने देश की धरती पर हर परिणाम का सामना करेंगी।
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भारत

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Anurag Animesh

Jul 10, 2026

Sheikh Hasina Return Bangladesh

पूर्व बांग्लादेशी पीएम शेख हसीना(फोटो-ANI)

Sheikh Hasina Return Bangladesh: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ऐलान किया है कि वह दिसंबर के आसपास स्वेच्छा से अपने देश लौटेंगी, जबकि उन्हें गिरफ्तारी या मौत तक का खतरा है। भारत में निर्वासन के दौरान रह रहीं हसीना ने कहा कि वह लौटकर अदालत के सामने आत्मसमर्पण करेंगी और अपने देश की धरती पर ही हर परिणाम का सामना करेंगी।

मैं बांग्लादेश लौट कर रहूंगी- शेख हसीना


मीडिया एजेंसी रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में 78 वर्षीय शेख हसीना ने कहा कि अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद सत्ता से हटने और भारत आने के बावजूद उन्होंने बांग्लादेश लौटने का फैसला किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी वापसी को लेकर ढाका की मौजूदा सरकार से किसी तरह की बातचीत नहीं हुई है। हसीना ने कहा, 'मेरी वापसी पर वे मुझे गिरफ्तार कर सकते हैं, मुझे मार भी सकते हैं। फिर भी मुझे लौटना ही होगा।'

अदालत में करेंगी आत्मसमर्पण

शेख हसीना ने कहा कि वह देश लौटने के बाद न्यायिक प्रक्रिया का सामना करेंगी और अदालत के सामने आत्मसमर्पण करेंगी। उन्होंने कहा कि वह किसी भी स्थिति से भागना नहीं चाहतीं। पूर्व प्रधानमंत्री ने दावा किया कि उनकी पार्टी अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगातार दमन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भारी अत्याचार हो रहा है। अगर मौत भी आए तो मैं चाहती हूं कि वह मेरी अपनी मिट्टी पर आए, जहां मेरे माता-पिता दफन हैं और जहां उनका खून बहा था।

मानवता के खिलाफ अपराध मामले में मिली है मौत की सजा

शेख हसीना का यह बयान ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (International Crimes Tribunal) ने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। यह मामला 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई से जुड़ा है। ट्रिब्यूनल ने माना कि आंदोलन के दौरान हुई मौतों के लिए हसीना या तो सीधे तौर पर जिम्मेदार थीं या वे इन्हें रोकने में विफल रहीं।

इसी मामले में बांग्लादेश के पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को भी मौत की सजा सुनाई गई है। वहीं, पूर्व पुलिस महानिरीक्षक(आईजीपी) चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को पांच साल की जेल की सजा दी गई है।