
President yeol suspended on imposing martial law in South Korea
South Korea: साउथ कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योल ने शनिवार को देश की जनता से मार्शल लॉ लागू करने के लिए माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि इस हफ्ते की शुरुआत में लगाए मार्शल लॉ (Martial Law) के लिए उन्हें खेद है। उन्होंने वादा किया कि आग फिर कभी वे दोबारा ऐसा नहीं करेंगे। यून (Yoon Suk Yeol) ने अपने खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर संसदीय मतदान से कुछ घंटे पहले ही टीवी के जरिए साउथ कोरिया की जनता को संबोधित किया।
सुक ने कहा कि “मुझे इसके लिए गहरा खेद है। मेरे इस फैसले से जिन लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा, उनसे मैं ईमानदारी से माफी मांगता हूं।" बता दें कि बीते मंगलवार 3 दिसंबर 2024 की आधी रात को यून ने देश में मॉर्शल लॉ लागू कर दिया था जिसका उनकी ही पार्टी समेत विपक्षियों और जनता ने खासा विरोध किया था। ये विरोध इतना जबरदस्त था कि जनता संसद भवन के बाहर पहुंच कर प्रदर्शन करने लगी थी और तो और लोगों ने संसद में घुसने तक की कोशिश की थी। ये सब देखते हुए राष्ट्रपति ने मार्शल लॉ लागू करने के 6 घंटे बाद फैसला पलट दिया था।
यून ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति के रूप में हताशा और निराशा की वजह से मार्शल लॉ लगाया था। उन्होंने कहा कि वे मार्शल लॉ की लागू करने के फैसले के कानूनी और राजनीतिक जिम्मेदारी से नहीं बचेंगे। उन्होंने साफ किया कि वे अब दूसरा मार्शल लॉ कभी नहीं लगाएंगे। अपने राष्ट्रपति पद के भविष्य को लेकर यून ने कहा कि वे अपने कार्यकाल सहित देश को स्थिर करने का काम अपनी पार्टी को सौंप देंगे। भविष्य में देश के मामलों के प्रबंधन के लिए उनकी पार्टी और सरकार पूरी तरह जिम्मेदार होगी।
बता दें कि यून को मई 2022 में 5 साल के कार्यकाल के लिए चुना गया था। इधर दक्षिण कोरियाई सांसदों ने राष्ट्रपति यून पर मार्शल लॉ लागू करने को लेकर उन पर महाभियोग चलाने का प्रस्ताव शनिवार को लाने की तैयारी कर ली है। हालांकि अभी ये साफ नहीं है कि विपक्षी सांसदों के लाए गए प्रस्ताव को जरूरी दो-तिहाई बहुमत मिलेगा या नहीं। उधर बीते शुक्रवार को राष्ट्रपति यून की अपनी पार्टी के नेता ने उनकी संवैधानिक शक्तियों को निलंबित करने की मांग की थी। उन्होंने ये कह दिया था कि वे अब इस पद पर बने रहने के लायक नहीं है। यून पर राष्ट्रपति पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ रहा है।
बता दें कि साउथ कोरिया में विपक्षी दल के पास 300 सदस्य वाली नेशनल असेंबली में कुल 192 सीटें हैं। शनिवार को शाम करीब 5 बजे उनके महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान होने वाला है। इस प्रस्ताव के लिए सत्तारूढ़ दल से कम से कम 8 वोटों की जरूरत होगी जिसके पास 108 सीटें हैं।
Published on:
07 Dec 2024 10:07 am
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