Sajith Premadasa: श्रीलंका की मुख्य विपक्षी पार्टी समागी जन बालवेगया (एसजेबी) की तरफ से साजिथ प्रेमदासा को 20 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामित करेगी। साजिथ प्रेमदासा कौन हैं और कैसे राजनीति में उनकी एंट्री हुई? जानिए उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण बातें...
श्रीलंका के आर्थिक हालात में कोई सुधार नहीं और अब राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे भी बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। 20 जुलाई को यहाँ नया राष्ट्रपति चुनने के लिए संसद में चुनाव होगा जिसमें सर्वसम्मति से नई सरकार का गठन होगा। इसके लिए श्रीलंका की मुख्य विपक्षी दल समागी जन बालवेगया (एसजेबी) अपने नेता साजिथ प्रेमदासा के नाम को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। गोटबाया राजपक्षे द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद प्रेमदासा 'कार्यवाहक' राष्ट्रपति के रूप में नयी सरकार का नेतृत्व कर सकते हैं। अब ये साजिथ प्रेमदासा है कौन? श्रीलंका की राजनीति में उनका क्या रुतबा है ?
प्रेमदासा का जन्म 12 जनवरी 1967 में हुआ था तब उनके पिता कोलंबो से सासंद थे। 1993 में जब उनके पिता की हत्या हुई तब उन्होंने राजनीति में अपने करियर की शुरुआत की थी। कोलंबो से सांसद साजिथ प्रेमदासा समागी जन बलावेग्या पार्टी के नेता है और फिलहाल, देश की संसद में नेता विपक्ष भी हैं। प्रेमदासा के पिता श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रणसिंघे प्रेमदासा हैं।
हंबनटोटा से वो यूनाइटेड नैशनल पार्टी के नेता थे और वर्ष 2000 में पहली बार सांसद बने थे। तब उन्होनें तत्कालीन सरकार में स्वास्थ्य मंत्री का कार्यभार भी सौंपा गया था। 2011 में यूनाइटेड नैशनल पार्टी के ही वो डिप्टी लीडर बनाए गए थे और 2013 में ये पद उन्हें छोड़ना पड़ा था। हालांकि, वर्ष 2014 में फिर से वो डिप्टी लीडर बनाए गए थे।
वर्ष 2015 में राष्ट्रपति श्रीसेना की सरकार में हाउज़िंग एंड समृद्धि मंत्रालय सौंपा गया था। वर्ष 2019 में वो अपनी पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर खड़े हुए थे। इस चुनाव में उन्हें हार मिली थी। प्रेमदासा को उनकी पार्टी द्वारा 30 जनवरी 2020 को यूनाइटेड नेशनल फ्रंट से प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में चुना गया था। रानिल विक्रमसिंघे के समर्थन के बाद उन्हें गठबंधन का नेता नामित किया गया था। तब प्रधानमंत्री पद का चुनाव लड़ने के लिए प्रेमदासा को यूनाइटेड नेशनल पार्टी के नेतृत्व में नवगठित समागी जन बालवेगया की तरफ से उम्मीदवार नियुक्त किया गया था। 2019 के बाद अब एक बार फिर से वो राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बताए जा रहे हैं और 20 जुलाई को इसपर अंतिम फैसला लिया जाएगा।