
श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या (फोटो- एएनआई)
श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिनी अमरासूर्या गुरुवार को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंची हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है, जो 18 अक्टूबर तक चलेगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच गहरे और बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करना है। अपनी यात्रा के दौरान, पीएम अमरासूर्या प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के साथ साथ अन्य कई वरिष्ठ भारतीय राजनयिकों से मुलाकात करेंगी। इस दौरान प्रमुख द्विपक्षीय मुद्दों और कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री अमरासूर्या श्रीलंका में शिक्षा पोर्टफोलियो भी संभालती हैं, इसलिए उनकी यात्रा में शिक्षा और तकनीक पर विशेष ध्यान रहेगा। वह भारत में सहयोग की संभावनाएं तलाशने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली और नीति आयोग का दौरा करेंगी। अमरासूर्या दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज की पूर्व छात्रा भी हैं। इस यात्रा के दौरान वह अपने इस पुराने शिक्षण संस्थान का भी दौरा करेंगी।
कॉलेज के कार्यक्रम के अनुसार, उनके आगमन पर NCC कैडेटों द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा, इसके बाद प्रतीकात्मक वृक्षारोपण और छात्रों द्वारा सांस्कृतिक प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके अलावा, श्रीलंकाई नेता दोनों देशों के बीच व्यापार और वाणिज्यिक संबंधों को मज़बूत करने के उद्देश्य से एक व्यावसायिक कार्यक्रम में भी शामिल होंगी।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह यात्रा भारत और श्रीलंका के बीच उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा को जारी रखती है। यह साझेदारी भारत की 'MAHASAGAR विजन' (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) और 'पड़ोसी पहले' नीति से प्रेरित है। समुद्री सहयोग पर हाल ही में अधिक ज़ोर दिया गया है। इससे पहले सितंबर में, भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कोलंबो में अमरासूर्या से मुलाकात की थी, जहां द्विपक्षीय समुद्री सहयोग और रक्षा संबंधों को मज़बूत करने पर व्यापक चर्चा हुई थी।
Updated on:
16 Oct 2025 08:53 am
Published on:
16 Oct 2025 08:53 am
