5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

निशिमुरा माको: जापान की इकलौती महिला की कहानी जो बनी याकूज़ा माफिया की मेंबर

Only Woman Member Of Yakuza: जापान में कुख्यात माफिया गैंग याकूज़ा का काफी नाम रहा है। इस माफिया गैंग में इतिहास में सिर्फ एक महिला ही मेंबर रही है। आइए उसके बारे में जानते हैं।

3 min read
Google source verification
nishimura_mako_.jpg

Nishimura Mako in Yakuza

जापान (Japan) के कुख्यात माफिया गैंग याकूज़ा (Yakuza) के बारे में आपमें से कई लोगों ने सुना और पढ़ा होगा। यह माफिया गैंग लोगों को धमकाने, ब्लैकमेल करने, वसूली करने, लोगों के मामलों को निपटाने, लड़कियों को वेश्यवृत्ति की ओर धकेलने जैसे काम करता था। याकूज़ा का नाम सिर्फ जापान में ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में भी अपनी हरकतों के लिए जाना जाता है। हालांकि जापान में कई जगहों पर अभी भी याकूज़ा सक्रिय है, पर अब इनका पहले वाला असर नहीं है। याकूज़ा में कई गैंग मेंबर्स भी रहते थे। याक़ूज़ा के गैंग मेंबर्स ज़्यादातर पुरुष ही रहे हैं। महिलाओं को इनमें मामूली ज़िम्मेदारियाँ ही दी जाती रही हैं। पर एक महिला ऐसी भी है जो याकूज़ा में शामिल तो हुई, पर मामूली कामों के लिए नहीं, बल्कि माफिया की मेंबर के तौर पर।


कौन है जापान की इकलौती महिला जो बनी याकूज़ा माफिया की मेंबर?

जापान की इकलौती महिला जो याकूज़ा माफिया की मेंबर बनी, उसका नाम है निशिमुरा माको (Nishimura Mako)। निशिमुरा की उम्र 50 साल से ज़्यादा है। वह कोई सामान्य महिला नहीं है। उसकी गर्दन और हाथों पर टैटू बने हुए हैं और एक हाथ ही सबसे छोटी ऊंगली नहीं है।


किस उम्र में हुई याकूज़ा में शामिल?

निशिमुरा 20 साल की उम्र में याकूज़ा में शामिल हुई थी।

साकाज़ुकी सेरेमनी में शामिल होने वाली इकलौती महिला

निशिमुरा इकलौती ऐसी महिला है जिसने याकूज़ा की साकाज़ुकी सेरेमनी में भी हिस्सा लिया है। इस सेरेमनी में सेक कपों को एक्सचेंज किया जाता है जो इस बात का प्रतीक माना जाता है कि आप याकूज़ा से ऑफिशियल तौर पर माफिया मेंबर के तौर पर जुड़े हुए हैं।

बाइकर गैंग्स से सीखा लड़ना

निशिमुरा का बचपन काफी सख्त था और उसे यह सब पसंद नहीं था। इसलिए वह बाइकर गैंग्स के लोगों की दोस्त बन गई और उन लोगों ने ही निशिमुरा सिखाया।

कैसे हुई याकूज़ा में शामिल?

एक बार निशिमुरा को उसके एक दोस्त ने कॉल किया और उससे मदद मांगी। निशिमुरा का दोस्त एक लड़ाई में फंस गया था और उसे मदद चाहिए थी। ऐसे में निशिमुरा अपने दोस्त की मदद करने के लिए पहुंच गई और वहाँ खून-खराबा कर दिया। निशिमुरा की इस हरकत के बारे में वहाँ के लोकल याकूज़ा बॉस को भी पता चला और उसने प्रभावित होकर निशिमुरा को अपने ऑफिस में बुलाकर कहा, "तुम भले ही एक महिला हो, पर तुम्हें याकूज़ा मेंबर बनना होगा।" तभी से निशिमुरा याकूज़ा मेंबर बन गई।

ऊंगली काटने में की महारत हासिल

याकूज़ा में शामिल होने के बाद निशिमुरा माफिया के आपराधिक कामों में शामिल हो गई। एक बार एक संयुक्त गलती के लिए उसे दूसरे कुछ मेंबर्स के साथ सज़ा के रिवाज़ के तौर पर अपनी ऊंगली भी काटनी पड़ी। निशिमुरा ने बिना संकोच के ऐसा कर दिया। बाद में जब कोई भी याकूज़ा मेंबर अपनी ऊंगली काटने में संकोच महसूस करता था, तो निशिमुरा से ही ऐसा करने को कहता था। इससे निशिमुरा को ऊंगली काटने में महारत हासिल हो गई और लोग उसे ऊंगली काटने का मास्टर भी कहने लगे।

याकूज़ा से निकाला गया

ड्रग्स के बिज़नेस में भी निशिमुरा का हाथ था। ऐसे में वह खुद का ड्रग्स बिज़नेस भी चलाने लगी। इस वजह से उसे उसके याकूज़ा गैंग से निकाल दिया गया।


छोड़ी याकूज़ा की दुनिया

निशिमुरा को एक राइवल याकूज़ा गैंग के मेंबर से प्यार हो गया था और वह प्रेग्नेंट हो गई। इस वजह से उसने याकूज़ा की दुनिया छोड़ दी। अपने बच्चे के जन्म के बाद उसने उसके पिता से शादी कर ली जो अपने याकूज़ा गैंग का बॉस भी बन गया था। इसके बाद निशिमुरा उसके याकूज़ा गैंग में शामिल हो गई और फिर से जुर्म की रह पर चल पड़ी। पर दूसरी बार प्रेग्नेंट होने के बाद निशिमुरा और उसके पति के बीच लड़ाई होना शुरू हो गई जो बढ़ती ही चली गई। दोनों ने तलाक ले लिया और निशिमुरा फिर से अपने पुराने याकूज़ा गैंग में शामिल हो गई। पर उसके बॉस की ड्रग्स की लत की वजह से 2 साल बाद निशिमुरा ने याकूज़ा की दुनिया को हमेशा के लिए छोड़ दिया।

बिता रही है साधारण जीवन

याकूज़ा की दुनिया छोड़ने के बाद निशिमुरा अब साधारण जीवन बिता रही है। वह बिल्डिंग को ध्वस्त करने की कंपनी में काम करती यही और साथ ही लोगों की मदद भी करती है। वह पुराने याकूज़ा मेंबर्स, पुराने दोषियों और नशे के चंगुल में फंसे लोगों के लिए एक पुराने याकूज़ा के साथ मिलकर एक चैरिटी की शाखा भी चलाती है।

लड़ाई में कभी किसी पुरुष से नहीं हारी

निशिमुरा के अनुसार वह लड़ाई में कभी भी किसी पुरुष से नहीं हारी है।

यह भी पढ़ें- पाकिस्तान को मिला धोखा! 'मेड इन चीन' राडार हुआ ईरान की मिसाइलों को रोकने में फेल